
भोपाल। मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का वार्षिक बजट पेश किया। इस बार बजट में चार लाख 21 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह है कि इस बार कोई नया कर नहीं लगाया गया है।
सिंहस्थ महापर्व के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसे “विकसित मध्यप्रदेश” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने बजट भाषण में 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। इस महापर्व के लिए 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना को देखते हुए सरकार ने सिंहस्थ क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास और व्यापक जन-सुविधाओं की व्यवस्था की योजना बनाई है। इसके तहत उज्जैन की हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जाएगा।
ओंकारेश्वर महालोक का होगा निर्माण
विश्व के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर को उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर महालोक के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रणेता आचार्य शंकर के जीवन दर्शन के प्रचार-प्रसार हेतु एक संग्रहालय और अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान विकसित किया जाएगा।
धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बजट प्रावधान
- श्रीकृष्ण पाथेय योजना : मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां पड़े, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- राम पथ गमन योजना : भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग और धार्मिक नगरी चित्रकूट के समग्र विकास के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान।