
बालाघाट। कान्हा नेशनल पार्क के पास कोहका गांव में घायल अवस्था में मिले 15 वर्षीय एक बाघ ने दम तोड़ दिया। रविवार को देर तक नाले के किनारे बेसुध अवस्था में तथा शरीर में चोट के निशान नजर आने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग और कान्हा नेशनल पार्क का अमला का दी थी। इसके बाद हाथियों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया था।
बाघ को बचाने के प्रयास किए थे
दरअसल, रविवार को दोपहर में कुछ स्थानीय लोगों ने केटीआर के सीमा क्षेत्र के कोहका गांव में एक तालाब में बाघ टी-30 को घायल पड़ा देखा और वन अधिकारियों को इसकी सूचना दी। कान्हा नेशनल पार्क के क्षेत्र निदेशक एसके सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि जांच में टीम ने पाया कि बाघ वृद्ध और कमजोर है। उन्होंने कहा कि बाघ को बचाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन रविवार शाम उसकी मौत हो गई।
आपसी संघर्ष में बाघ घायल हुआ
अधिकारी ने कहा कि ऐसा संदेह है कि बाघ किसी अन्य बाघ या जानवर के साथ लड़ाई के दौरान लगी चोटों से उबर नहीं सका। उन्होंने कहा कि मृत बाघ का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा, जिससे उसकी चोटों के बारे में भी पता चलेगा। मध्य प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना सहित कई टाइगर रिजर्व हैं।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) June 4, 2023
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