
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के पांच दिन बाद भी महायुति (भाजपा-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन) मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पाई है। इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया। शिंदे ने स्पष्ट किया कि सरकार गठन में उनकी तरफ से कोई रुकावट नहीं है और जो भी निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे, वह उसे स्वीकार करेंगे।
मैं नाराज नहीं, लड़ने और काम करने वाला हूं- शिंदे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा, “मैं नाराज नहीं हूं और न ही नाराज होने वाला हूं। मैं रोने वाला नहीं, बल्कि लड़ने और काम करने वाला हूं।” उन्होंने महायुति की ऐतिहासिक जीत का श्रेय गठबंधन के काम और जनसेवा को दिया। शिंदे ने कहा कि जनता ने उनके द्वारा लाई गई कल्याणकारी योजनाओं और महायुति की मेहनत पर भरोसा जताया है।
खुद को समझता हूं कॉमन मैन
एकनाथ शिंदे ने कहा, “मैंने कभी खुद को मुख्यमंत्री नहीं समझा, बल्कि हमेशा खुद को एक साधारण आदमी ही माना। गरीबों और आम जनता की समस्याओं को समझते हुए हमने योजनाएं बनाई जैसे ‘लाडली बहिन योजना’ और ‘लाडकी भाऊ योजना’। इन योजनाओं ने आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाया।”
केंद्र सरकार की मजबूती से मिली ऐतिहासिक जीत
उन्होंने केंद्र सरकार, खासतौर पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मजबूती और समर्थन के कारण महाराष्ट्र में महायुति को अभूतपूर्व जीत मिली है। शिंदे ने कहा, “अमित शाह ने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता पर भरोसा जताया और मुझे मुख्यमंत्री बनाया। उनके नेतृत्व में हमने राज्य को पहले स्थान पर लाने की कोशिश की।”
लोकप्रियता के लिए नहीं, बल्कि जनता के लिए किया काम
शिंदे ने अपने कामकाज का विवरण देते हुए बताया कि उनकी सरकार ने 124 महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिससे राज्य की जनता को लाभ हुआ। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा महाराष्ट्र की जनता के हित के लिए काम किया है, न कि लोकप्रियता के लिए। मेरी लाडली बहनों ने अपने लाडले भाई का ध्यान रखा और हमें इतनी बड़ी जीत दिलाई।”
सीएम के नाम पर सस्पेंस बरकरार
शिंदे ने यह भी संकेत दिया कि वह हर स्थिति के लिए तैयार हैं और जो भी निर्णय महायुति और पीएम मोदी लेंगे, वह उन्हें स्वीकार करेंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस अभी बरकरार है। भाजपा जल्द ही सीएम के नाम की घोषणा कर सकती है।
भाजपा ने किया शानदार प्रदर्शन
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया था। 288 सीटों में में से महायुति ने रिकॉर्ड 235 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, बीजेपी ने सबसे अधिक 149 में से 132 सीटें अपने नाम की। शिंदे की अगुवाई वाले शिवसेना ने 57 और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने 41 सीटों पर कब्जा जमाया।
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