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चुनावी साल में आई कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचार की याद, इनके केस पार्टी लड़ेगी, तीन मंत्रियों के इलाके में सबसे ज्यादा शिकायतें, बड़ी सभाओं से बदलेंगे माहौल

 भोपाल – चुनावी साल में कांग्रेस एक्टिव मोड में आती दिखाई देने लगी है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने फिलहाल कांग्रेस के सभी नेताओं को सक्रिय कर दिया गया है और पार्टी में बैठकों और दौरों का काफिला चुनावी सफर की तरफ कूच करता दिखाई देने लगा है। सोमवार को पीसीसी चीफ कमलनाथ के बंगले पर सुबह और शाम को हुई अहम बैठकों के बाद मंगलवार सुबह पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक अत्याचार प्रतिरोध कमेटी की बैठक ली। वे इस कमेटी के अध्यक्ष भी हैं।

पार्टी लड़ेगी कार्यकर्ताओं के केस

बैठक के बाद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी राज में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को झूठे प्रकरणों में फंसा कर परेशान किया जा रहा है। कई कार्यकर्ताओं को बेवजह जेल भेजा गया तो कई को तो जिलाबदर किया गया है। इसके साथ ही कांग्रेसियों को प्रशासन एवं पुलिस अन्य तरीकों से भी प्रताड़ित कर रहे हैं। पूर्व सीएम का आरोप है कि कमलनाथ सरकार गिरने के बाद से इस तरह के प्रकरणों में तेजी आई है। दिग्गी ने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए केस पार्टी लड़ेगी और दोषी अफसरों को भी कठघरे में खड़ा किया जाएगा। प्रशासनित अत्याचार के मामलों में आरटीआई एक्टिविस्ट की मदद भी ली जाएगी। दिग्विजय ने वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े के आरोप भी लगाए।

तीन मंत्रियों के क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रताड़ना

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि दतिया, सुरखी और बदनावर में कांग्रेसियों पर प्रताड़ना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। दतिया गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, सुरखी परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और बदनावर औद्यौगिक नीति एवं निवेश संवर्धन मंत्री राजवर्धन सिंह का विधानसभा क्षेत्र है। इन इलाकों में माहौल बदलने के लिए जल्द ही कमलनाथ की सभाएं आयोजित कराने की तैयारी है।

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