जबलपुर। जिले में कोरोना संक्रमण एक बार फिर से डराने लगा है। दो महीने बाद कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। शहर में 4 सितंबर को कोरोना के एक साथ 7 केस सामने आए। इससे पहले 3 सितंबर को भी 6 केस सामने आए। पिछले पांच दिनों में कोरोना के 20 नए मामले सामने आए। कुल 26 एक्टिव केस हैं। इनमें सिर्फ 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। 20 होम आईसोलेट हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोरोना के सबसे ज्यादा मामले जबलपुर में हैं। ऐसे में प्रशासन कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती बरत रहा है। राहत की बात ये है कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है। सीएमएचओ डॉ. रत्नेश कुररिया के मुताबिक, कोरोना के मरीजों की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग बढ़ा दी गई है। अब हर एक्टिव मरीज के संपर्क में आने वाले 50-50 लोगों का कोविड टेस्ट किया जा रहा है।
जबलपुर में 22%, भोपाल में 18% और इंदौर में 16% एक्टिव केस
प्रदेश में 4 सितंबर तक कोरोना के कुल 114 एक्टिव केस हैं। जबलपुर में 26, भोपाल में 18, इंदौर में 18, ग्वालियर में 3 मरीजों का इलाज चल रहा है। वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों का जीनोम सिक्वेसिंग के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज ने भोपाल सेंपल भेजे हैं।
5 संक्रमित दोनों डोज लगवा चुके
सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार, 3 और 4 सितंबर को 7 और 6 मरीजों की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई है। इनमें 5 संक्रमित कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। इन मरीजों में कोरोना के सामान्य लक्षण हैं। इन मरीजों के ब्लड सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भोपाल भेजे गए हैं।
सितंबर में कोरोना संक्रमण के मामलों को नियंत्रित नहीं किया गया तो जिले में तीसरी लहर आना संभव है। तीसरी लहर में वह मरीज सबसे पहले कोविड की चपेट में आएंगे, जिन्हें पहली और दूसरी लहर में कोविड हो चुका है। – डॉ. संजय भारती, कोविड इंचार्ज, जबलपुर मेडिकल कॉलेज।