
ग्वालियर। जनकगंज थाना क्षेत्र के माधव बाल निकेतन से संदिग्ध परिस्थितियों में मुंबई के चार बच्चे गायब हो गए हैं। वे 26 मई को अपनी सौतेली मां के साथ मुंबई के कल्याण स्टेशन से पंजाब मेल में बैठकर निकले थे। इसी बीच मां खंडवा स्टेशन पर उतरकर वापस मुंबई पहुंच गई, लेकिन बच्चे ट्रेन में बैठकर ग्वालियर आ गए। यहां उन्हें ट्रेन में मिले मुरैना के एक युवक ने ऑटो चालक की मदद से लक्ष्मीगंज स्थित अनाथालय पहुंचाया था, लेकिन अब बच्चे वहां नहीं हैं। उनकी तलाश में मुंबई के एमआईडीसी थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शहर में डेरा डाला हुआ है, जो अब बच्चों की तलाश में मुरैना के युवक को ढूंढ रही है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया कि अंधेरी ईस्ट के एमआईडीसी थाना अंतर्गत रहने वाला पवन तिवारी स्वीगी का डिलीवरी बॉय है। बीती 26 मई को उसकी सौतेली पत्नी रीना तिवारी से किसी बात को लेकर अनबन हो गई। इसी बीच रीना चार बच्चे आर्या तिवारी(18), अनुष्का(15), भावेश (11) व कुमुद (8) के साथ मुंबई कल्याण स्टेशन से पंजाब मेल में बैठकर ग्वालियर के लिए निकली। ट्रेन के खंडवा स्टेशन पर पहुंचने पर रीना बच्चों को ट्रेन में छोड़कर मुंबई लौट गई और बच्चे आगे निकल आए।
इन बच्चों को 27 मई के दिन ट्रेन में मुरैना का एक युवक मिला, जिसने ग्वालियर स्टेशन पर उन बच्चों को उतारा और ऑटो से जनकगंज के माधव बाल निकेतन पहुंचाया। वहां बच्चों ने फोन-पे से ऑटो चालक को पेमेंट किया। लेकिन इसके बाद बच्चे माधव बाल निकेतन (अनाथालय) से गायब हो गए। ऐसे में मुंबई की क्राइम ब्रांच और एमआईडीसी थाने की पुलिस ग्वालियर में बच्चों और मुरैना के युवक की तलाश कर रही है। बताया गया है कि बच्चों को अनाथालय तक पहुंचाने वाले युवक का पता पुलिस ने लगा लिया है। ऐसे में मुंबई पुलिस अब उसकी तलाश में ग्वालियर पुलिस के साथ मुरैना रवाना हो गई है।
दिल्ली, पंजाब तक तलाशने के बाद ग्वालियर आई क्राइम ब्रांच: मुंबई क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर दीपक सावंत ने बताया कि बच्चों की तलाश में चार टीमें दिल्ली, पंजाब में तलाश कर रही थीं। इसी बीच ग्वालियर में बच्चों के उतरने की सूचना मिली है। अब बच्चों को तलाशने के लिए टीमें ग्वालियर पहुंची हैं, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से लापता बच्चों की पड़ताल जारी है।
ऑटो चालक बोला-मैंने अंदर तक छोड़ा
स्टेशन से ऑटो चलाने वाले आनंद नगर निवासी दिलीप धाकड़ ने बताया कि 27 मई को चार बच्चे और एक युवक स्टेशन पर ऑन लाइन पेमेंट के जरिए ऑटो की तलाश कर रहे थे। तभी मैंने उन्हें जनकगंज स्थित माधव बाल निकेतन में अंदर तक छोड़ा था। वहां पर ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद निकल आया। पुलिस को जांच में पता चला है कि माधव बाल निकेतन के कैमरों में तीन दिन की रिकॉर्डिंग होती है। वहीं मामला छह दिन पुराना है। ऐसे में अनाथालय के कई कैमरे भी खराब पड़े हैं।
जांच की जा रही है
मुंबई से लापता हुए चार बच्चों की तलाश में महाराष्ट्र की पुलिस ग्वालियर आई है, बच्चों के माधव बाल निकेतन में आने की जानकारी लगी थी, फिलहाल उनकी तलाश में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ताल की जा रही है। -विपेन्द्र सिंह चौहान, टीआई जनकगंज