काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही वहां से अलग-अलग तरह की खबरें सामने आ रही हैं। सत्ता पर काबिज होते ही तालिबान ने कहा था कि वह पहले की तरह शासन नहीं चलाएगा। स्थानीय नागरिकों को कई तरह की छूट भी दी जाएंगी। लेकिन जिस तरह की खबरें वहां से लगातार आ रही हैं उससे तालिबान की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आ रहा है। अफगानिस्तान में फिर से 1996 से 2001 वाला कट्टर इस्लामिक शासन लौट आया है। तालिबान ने अफगानिस्तान के सैलूनों के नया फरमान जारी किया है। इसके तहत उन्हें किसी की भी दाढ़ी काटने से मना किया गया है। नए फरमान के अनुसार इस्लामिक कानून के तहत ही पुरुषों की दाढ़ी या बाल बनाने होंगे।
सैलूनों में लगाया गया नोटिस
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने हेलमंत प्रांत के सैलूनों में नोटिस लगाए हैं। इसके अलावा सैलून चलाने वालों से भी कहा गया है कि वह अमेरिकी स्टाइल में बाल व दाढ़ी काटना बंद करें। सैलून संचालक इस्लामिक नियमों का पालन करें। नोटिस में लिखा गया है कि इसके खिलाफ शिकायत का अधिकार नहीं है। इसके अलावा अफगानिस्तान के कुछ अन्य इलाकों से भी ऐसी ही खबरें सामने आ रही हैं। वहां भी तालिबानी सैलूनों पर जाकर नया फरमान सुना रहे हैं।
नए नियमों में मिली थी छूट
बता दें कि इससे पहले 1996 से 2001 के शासन के दौरान तालिबान ने कट्टर इस्लामिक कानून का पालन करवाया था। लेकिन सत्ता जाने के बाद वहां नियमों में छूट दी गई। सैलूनों को किसी भी स्टाइल से बाल या दाढ़ी काटने की आजादी थी, यहां तक कि पुरुष क्लीन शेव भी कर सकते थे। लेकिन एक बार फिर से वहां पर पुरुषों को दाढ़ी बढ़ाने का फरमान सुनाया गया है।