
अनुज मीणा।रीजनल साइंस सेंटर में लगे एग्जीबिशन में एक नल हवा में एक तार के सहारे लटका हुआ है, जिसमें से लगातार पानी नीचे की ओर गिर रहा है लेकिन उसमें नल तक पानी पहुंचने के लिए पाइप का अन्य कोई स्त्रोत दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में यह दर्शकों के लिए पहेली बना हुआ है कि नल में से लगातार पानी नीचे कैसे गिर रहा है। दरअसल, साइंस सेंटर में नए प्रादर्शों को शामिल किया गया है। इनमें कुछ प्रादर्श नए हैं तो कुछ पुराने प्रादर्शों को रिनोवेट कर लगाया गया है। इनमें मैजिक टैप (चमत्कारी नल), टर्निंग फेस, सांस लेने वाला वर्ग, छलनी से भ्रम, घूमता अंडा, पानी के भंवर का प्रादर्श शामिल हैं। जिसे देखने के लिए बच्चे सांइस सेंटर पहुंच रहे हैं।
पारदर्शी पाइप से मैजिक
एक तार से नल लटका हुआ है, जिसमें से पानी नीचे गिर रहा है। नीचे गिरते पानी के बीच में एक कांच का पारदर्शी पाइप लगा हुआ है, जिसका अपवर्तनांक (रिफ्रेक्टिव इंडेक्स) लगभग पानी के बराबर है। जब पानी उस पाइप से चारों ओर से नीचे गिरता है तो पाइप दिखाई नहीं देता।
दीवार पर लगा टर्निंग फेस
साइंस सेंटर की दीवार पर मनुष्य के चेहरे जैसी दो आकृतियां लगी हुई हैं। इनमें से एक चेहरा बाहर की ओर उभरा हुआ है, जबकि दूसरा चेहरा अंदर की ओर दबा हुआ है। इन दोनों चेहरों की ध्यान से देखने पर प्रतीत होता है कि अंदर की ओर दबा चेहरा हमें ही देख रहा है। उसमें नाक न होने से पूरा चेहरा घूमता हुआ नजर आता है।
घूमते छल्ले से हो रहा भ्रम
घूमते हुए छल्ले को देखें तो ऐसा प्रतीत होता है कि छल्ले लगातार एक-दूसरे पर लुढ़क रहे हैं। उनको बटन दबाकर रोकने पर पता चलता है कि वह एक विशेष कोण पर आपस में जुड़े हुए हैं और घूमने पर एक-दूसरे की ऊपर लुढ़कते हुए नजर आते हैं।
घूमता हुआ लोहे का अंडा
एग्जीबिशन में घूमते हुए अंडा के पास में लगे हरे बटन को दबाते ही लोहे का अंडा घूमने लगता है। दरअसल, बटन दबाते ही उसमें लगी मोटर्स स्टार्ट हो जाती हैं, जिनमें चुंबक लगी हुई हैं। यह मोटर लगातार एक के बाद एक तेज गति से बंद-चालू होती हैं।