
भोपाल। राजधानी में सुभाष नगर डिपो से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) तक सफल ट्रायल रन के करीब 16 महीने बाद मंगलवार को प्रायोरिटी कॉरिडोर के बाकी हिस्से आरकेएमपी से एम्स तक मेट्रो ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया। इस दौरान मेट्रो करीब 20 किमी तक प्रतिघंटे की रफ्तार से चली।
दरअसल, आरआरएल तिराहे पर स्टील ब्रिज सहित अन्य अधूरे कामों की वजह से 3 अक्टूबर 2023 को मेट्रो कंपनी को सुभाष नगर डिपो से लेकर रानी कमलापति स्टेशन तक अधूरा ट्रायल रन करना पड़ा था। इधर, कंपनी प्रबंध संचालक एस कृष्ण चैतन्य ने ट्रायल रन के लिए मेट्रो अधिकारियों और टीम को बधाई दी। उन्होंने मेट्रों के संबंधित अधिकारियों को पैसेंजर संचालन के लिए बाकी बचे कामों को डेड लाइन में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
6 माह देरी से एम्स तक पहुंच सकी मेट्रो
हालांकि मेट्रो रूट की अभी ऑरेंज लाइन के सुभाष नगर डिपो से लेकर करोंद तक के 8 किलोमीटर के हिस्से में काम कुछ समय पहले ही शुरू किए गए हैं। जिसके पूरा होने के बाद करोंद से लेकर एम्स तक करीब 16 किलोमीटर के रूट पर मेट्रो ट्रेन का संचालन किया जाएगा। हालांकि ऑरेंज लाइन के काम सितंबर 2024 तक पूरे हो जाने की अवधि तय की गई थी, लेकिन प्रोजेक्ट की लेटलतीफी की वजह से मेट्रो को एम्स तक पहुंचने में छह माह का अतिरिक्त समय लगा। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि काम में तेजी लाई गई है, ताकि तय डेडलान में रूट का काम पूरा हो सके।
तीन कोच के साथ किया गया मेट्रो ट्रायल
अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो ट्रेन रानी कमलापति से चलकर रेलवे ओवर ब्रिज, डीआरएम आफिस और अलकापुरी स्टेशन होते हुए एम्स स्टेशन पहुंची। इस दौरान मेट्रो ट्रेन की गति 10 से 20 किमी प्रति घंटे रही। जिसे विभिन्न स्तरों की टेस्टिंग और मानकों के अनुसार बढ़ाया जाएगा। मेट्रो ट्रेन, जिसके एक कोच की लंबाई लगभग 22 मीटर और चौड़ाई लगभग 2.9 मीटर है, जिसमें तीन कोच है। जिसकी डिजाइन स्पीड 90 किमी प्रति घंटा है, किंतु जब मेट्रो का संचालन होगा, तब कम दूरी पर बने स्टेशनों की वजह से मेट्रो की रफ्तार लगभग 80 की रहेगी।