
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले एक माह से अच्छी बारिश न होने के कारण किसान परेशान है। कई इलाकों में सूखे का आलम है। लगभग एक महीने से पानी नहीं गिरा है, जिससे फसलें सूख रही हैं। तेज धूप से खेतों में दरारें पड़ रहीं हैं, जिससे किसान चिंतित और परेशान हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को बड़ी बैठक बुलाई है। चित्रकूट से भोपाल वापस आकर सीएम अल्प वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें सीएस, एसीएस सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित रहेंगे।
महाकाल मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना
वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान कल 4 सितंबर दिन सोमवार को सुबह 9 बजे महाकाल मंदिर उज्जैन में मध्य प्रदेश में अच्छी वर्षा के लिए बाबा महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। साथ ही अभिषेक भी करेंगे।
किसानों की फसलें हो रही बर्बाद
मध्य प्रदेश में भी बादलों की बेरुखी से किसान परेशान और चिंतित है। लंबे समय से मानसून पर ब्रेक लगा हुआ है। इससे धान, सोयाबीन और मक्का की फसलें बर्बाद हो रही है। जिसके चलते प्रदेश में किसान के माथे पर चिंता की लकीरें बन आई हैं। वहीं बैठक के दौरान प्रदेश के जिलों में वर्षा की स्थिति, प्रदेश के बांधों में जल की स्थिति, बिजली आपूर्ति, पेयजल की व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही अल्प वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक में ये अधिकारियों रहेंगे मौजूद
जानकारी के अनुसार, अल्प वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक में प्रमुख सचिव- मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव-किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के प्रमुख सचिव, नर्मदा घाटी विकास के प्रमुख सचिव, उद्यानकी एवं खाद्य संस्करण विभाग के प्रमुख सचिव बैठक में मौजूद रहेंगे।
प्रदेश में भीषण सूखे की स्थिति बन रही : कमलनाथ
इधर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा- प्रदेश में इस बार भीषण सूखे की स्थिति बन रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से में कम वर्षा हुई है। जलाशयों में पानी पूरी तरह से नहीं भर पाया है। फसलें सूख रही हैं। प्रदेश की अधिकांश किसान आबादी इससे सीधी प्रभावित हो रही है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वह उत्सव मोड से बाहर आएं और तत्काल सर्वे कार्य शुरू कर किसानों को राहत देने की व्यवस्था शुरू करें।
प्रदेश में इस बार भीषण सूखे की स्थिति बन रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से में कम वर्षा हुई है। जलाशयों में पानी पूरी तरह से नहीं भर पाया है। फसलें सूख रही हैं। प्रदेश की अधिकांश किसान आबादी इससे सीधी प्रभावित हो रही है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वह उत्सव मोड से बाहर आएं…
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) September 3, 2023
उन्होंने आगे कहा कि कल मुख्यमंत्री का जो बयान सामने आया, वह चुनौती का सामना करने से अधिक आपदा को अवसर में बदलने की चालबाजी जैसा प्रतीत हुआ। प्रदेश की जनता ने पूर्व में भी देखा है कि शिवराज सरकार आपदा को अपने हित में अवसर में बदल लेती है और जनता के लिए संत्रास पैदा करती है। जनता को झूठे वादों की नहीं, सच्चे इरादों की जरूरत है।