विरोध की आवाज दबाने पर बिगड़ सकते हैं हालात, सोनम वांगचुक ने श्रीलंका और बांग्लादेश का उदाहरण देकर सरकार को चेताया!
सोनम वांगचुक ने मुंबई में आयोजित IPF फेस्टिवल में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को लोकतंत्र का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जनता की नाराजगी सुनने से सरकार को अपनी गलतियां सुधारने का मौका मिलता है। ब्रिटेन, नॉर्वे और स्वीडन का उदाहरण देते हुए उन्होंने संसद के पास प्रदर्शन की जगह देने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी बात समझने की अपील की।
Aditi Rawat
25 Oct 2026

























