
भोपाल की 87 कंपोजिट शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पूरी हो गई है। इस बार इन दुकानों के ठेके 1193 करोड़ रुपए में दिए गए, जो तय लक्ष्य से 120 करोड़ रुपए ज्यादा है। नीलामी ऑनलाइन बोली के जरिए हुई, जहां दुकानों की रिजर्व प्राइस 1073 करोड़ रुपए रखी गई थी। लेकिन सबसे ऊंची बोली 1193 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। यह प्रक्रिया रविवार तक चली, जिसमें सहायक आयुक्त आबकारी दीपम रायचुरा, उपायुक्त यशवंत धनौरा और जिला कंट्रोलर एचएस गोयल समेत अन्य अधिकारी शामिल रहें। जिला कंट्रोलर गोयल ने बताया कि भोपाल की सभी दुकानों की नीलामी पूरी हो चुकी है और कोई भी दुकान शेष नहीं बची है।
इन चार ग्रुप में बांटी गई थी दुकानें
ग्रुप-1 : गोलजोड़ रोड, गेहूंखेड़ा, कोलार रोड, चूनाभट्टी, शाहपुरा, बिट्टन मार्केट, अरेरा कॉलोनी, त्रिलंगा, गुलमोहर, आरएस मार्केट, पंचशील नगर, टीनशेड, न्यू मार्केट क्रमांक-1 और 2, डिपो चौराहा, पीएंडटी चौराहा, नेहरू नगर क्रमांक-1 और 2, नीलबड़।
ग्रुप-2 : एमपी नगर जोन-1 और 2, अन्ना नगर, हबीबगंज फाटक, नारायण नगर, बागसेवनिया, बागमुगालिया, ग्यारह मील तिराहा, बरखेड़ा पठानी, खजूरीकलां, बिलखिरिया, रत्नागिरी चौराहा, कोकता, पटेल नगर, पिपलानी, अयोध्या नगर।
ग्रुप-3 : सूखी सेवनिया, भानपुर चौराहा, करोंद चौराहा, पीपल चौराहा, डीआईजी बंगला, छोला-नाका, छोला रोड, हमीदिया रोड, बस स्टैंड (हमीदिया रोड), अल्पना तिराहा, जहांगीराबाद, इतवारा चौक, मंगलवारा, स्टेशन बजरिया, सिंकदरी सराय(स्टेशन रोड), ऐशबाग, पुल बोगदा, बरखेड़ी, चांदबड़, सेमरा, विवेकानंद चौक, प्रभात चौराहा, सुभाष नगर, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया।
ग्रुप-4 : पुराना किला, पीरगेट, शाहजहांनाबाद क्रमांक-1 और 2, स्टेट बैंक चौराहा, लालघाटी क्रमांक-1 और 2, पीएनबी चौराहा, संतनगर बस स्टैंड, सीहोर नाका, इंदौर रोड, बरखेड़ा बोंदर, झिरनिया, तारासेवनियां, गांधीनगर क्रमांक-1 और 2, बैरसिया क्रमांक-1 और 2, ईंटखेड़ी, गुनगा, रतुआ, नजीराबाद, नजीराबाद. परसौरा, हिरनखेड़ी, ललरिया, रुनाह, हर्राखेड़ा।
पिछली बार कैंसिल हो गई थी प्रक्रिया
पिछली बार 1087 करोड़ रुपए की रिजर्व प्राइस में से 80% राजस्व नहीं मिलने के कारण नवीनीकरण और लॉटरी प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी। 19 समूहों की 49 दुकानों के संचालकों ने 20% अधिक राशि देकर 607 करोड़ रुपए में नवीनीकरण कराया, जो कुल राजस्व का 56.57% था। बाकी 16 समूहों की 38 दुकानों के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन इसमें सिर्फ 6 समूहों के लिए आवेदन आए, जबकि 10 समूहों के लिए कोई आवेदन नहीं मिला। इस वजह से 251.40 करोड़ रुपए की राशि नहीं आ सकी, जिसके चलते नए टेंडर जारी करने पड़े।
देर रात तक चली प्रक्रिया
शनिवार को टेंडर का आखिरी दिन था। इसके बाद आगे की प्रक्रिया हुई, जो देर रात तक चली और रविवार सुबह तक फाइनल हुई। नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार को भोपाल से आबकारी विभाग से अब 1193 करोड़ रुपए से ज्यादा मिलेंगे। पिछले साल 895 करोड़ रुपए मिले थे।
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