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Bikaner Royal Family Dispute : शाही ट्रस्ट पर HC की रोक, बैंक से सिर्फ 50 हजार रुपए तक निकाल सकेंगे, नहीं बेच सकेंगे संपत्ति

राजस्थान के बीकानेर जिले के पूर्व राजपरिवार का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। करणी चैरिटेबल फंड ट्रस्ट के बैंक खाते पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अब ट्रस्ट की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खाते से हर महीने सिर्फ 50 हजार रुपए ही निकाले जा सकेंगे। कोर्ट ने ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि नए ट्रस्टी अपील पर निर्णय होने तक ट्रस्ट की संपत्ति नहीं बेच सकेंगे और न ही यह किसी दूसरे का अधिकार बना पाएगा।

सिद्धि कुमारी ट्रस्ट की अध्यक्ष बनीं

दरअसल, बीकानेर के पूर्व राजपरिवार के ट्रस्ट करणी चैरिटेबल फंड ट्रस्ट में बीकानेर की पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी के अलावा उनकी दो मौसी राज्यश्री कुमारी और मधुलिका कुमारी ट्रस्टी थीं। वहीं, राजपरिवार से जुड़े हनुवंत सिंह अध्यक्ष थे। नवंबर 2023 में सिद्धि कुमारी खुद इस ट्रस्ट की अध्यक्ष बनीं और चार ट्रस्टियों को बदल दिया था। इसके बाद ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष हनुवंत सिंह ने हाईकोर्ट में अपील की थी।

तत्कालीन अध्यक्ष को गलत तरीके से हटाने का आरोप

ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष हनुवंत सिंह का आरोप है कि सिद्धि कुमारी ने नवंबर 2023 में गलत तरीके से उन्हें पद से हटाया और खुद को अध्यक्ष घोषित कर दिया। इसके साथ ही मदन सिंह, संजय शर्मा, मनीष कुमार शर्मा और धीरज भोजक को ट्रस्टी बना दिया। इससे संबंधित फॉर्म को देवस्थान विभाग में जमा कराया गया। देवस्थान विभाग ने हनुवंत सिंह की आपत्ति को खारिज कर सिद्धि कुमारी के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद हनुवंत सिंह ने हाईकोर्ट में अपील दायर की।

30 सितंबर तक मामले का निस्तारण करने का आदेश

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने करणी चैरिटेबल फंड ट्रस्ट को दैनिक जरूरतों के लिए एक महीने में बैंक खातों से केवल 50 हजार रुपए निकालने की अनुमति दी है। ट्रस्टी इससे अधिक राशि नहीं निकाल सकेगा। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, नए ट्रस्टी अपील पर फैसला होने तक ट्रस्ट की संपत्ति को नष्ट नहीं कर सकेंगे। साथ ही कोर्ट ने देवस्थान विभाग को 30 सितंबर तक मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया है।

इस तरह चला पूरा विवाद

  • अक्टूबर 2023 में ट्रस्टियों ने मिलकर सिद्धि कुमारी को ट्रस्ट सदस्यता से हटा दिया था। एक प्रस्ताव पारित किया गया।
  • सिद्धि कुमारी पर ट्रस्ट विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया गया। जिस मीटिंग में सिद्धि कुमारी को हटाना बताया गया है, उसमें स्वयं सिद्धि कुमारी उपस्थित नहीं थी।
  • नवंबर 2023 में सिद्धि कुमारी ने दावा किया कि करणी चेरिटेबल फंड ट्रस्ट में वह अध्यक्ष है। सिद्धि कुमारी की ओर से बनाई गई नई कार्यकारिणी में बुआ राज्यश्री और मधुलिका कुमारी के साथ ही हनुवंत सिंह को भी हटा दिया गया।

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