
बेंगलुरु। बेंगलुरु के महालक्ष्मी मर्डर केस में आरोपी के सुसाइड नोट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। महालक्ष्मी के 59 टुकड़े करने वाले आरोपी मुक्तिरंजन रॉय के शव के पास डायरी मिली थी। जिसमें उसने हत्या की बात कबूल करने के साथ ही इसकी वजह भी बताई है। उसने लिखा, ‘शादी के लिए राजी नहीं होने पर उसने मुझे टॉर्चर करना शुरू कर दिया था, जिससे तंग आकर आरोपी ने उसे मार डाला।’
प्रताड़ित करती थी महिला : आरोपी के परिजन
आरोपी के परिवार ने आरोप लगाया कि, महालक्ष्मी ने आरोपी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया था। इसके अलावा वो मुक्तिरंजन से पैसे और कीमती सामान भी वसूलती थी। महिला ने उसे एक सोने की अंगूठी, एक महंगा मोबाइल फोन और एक नेकलेस देने के लिए मजबूर किया था। उसके बाद भी वो लगातार पैसे और कीमती चीजों की डिमांड करती थी। मंगलवार रात (24 सितंबर) मुक्तिरंजन ने ओडिशा के भद्रक जिले में पेड़ से लटकर सुसाइड कर लिया था।
सुसाइड नोट में लिखा- मैं महालक्ष्मी से प्यार करता था, लेकिन उसका व्यवहार मेरे लिए ठीक नहीं था। वो मुझे किडनैपिंग केस में फंसाने की धमकी देती थी। मैने काफी पैसा भी खर्च किया।”
भाई ने बताया हत्या वाले दिन क्या हुआ
बेंगलुरु में रहने वाली महिला महालक्ष्मी की हत्या के बाद आरोपी अपने गांव भाग गया था। परिवार के मुताबिक, आरोपी 9-10 दिनों से ओडिशा में अपने भाई के साथ रह रहा था। उसने अपने छोटे भाई सत्या के सामने हत्या की बात कबूल करते हुए कहा कि, उसने महालक्ष्मी की हत्या कर दी थी।
सत्या ने बताया कि, मुक्ति रंजन ने 3 सितंबर को ही महालक्ष्मी की हत्या की थी। दोनों रिलेशनशिप में थे। महालक्ष्मी शादी की जिद करती थी, जिससे दोनों के बीच मनमुटाव पैदा हो गया। महालक्ष्मी मेरे भाई से जबरन पैसे और गहने लेती थी, साथ ही धमकाती भी रहती थी। 3 सितंबर को इन्हीं बातों को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद मुक्तिरंजन ने महालक्ष्मी की गला घोंटकर हत्या कर दी। उसने कुल्हाड़ी से उसके शरीर के टुकड़े किए और रेफ्रिजरेटर में छिपा दिया। वह दो-तीन महीने के बाद महालक्ष्मी के शव के टुकड़े फेंकने की प्लानिंग में था।
महालक्ष्मी को मारकर किए थे 59 टुकड़े
21 सितंबर को पड़ोसियों की ओर से बदबू की सूचना आने के बाद महालक्ष्मी दास की मां और बड़ी बहन को घर के मालिक ने बुलाया था। जब परिवार ने फ्रिज खोला, तो उन्हें महालक्ष्मी की लाश के टुकड़े दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए लाश को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी हाउस भेजा गया था। जब मर्चुरी हाउस में कमरे और फ्रिज से बरामद लाश के टुकड़ों की गिनती हुई, तो पता चला कातिल ने महालक्ष्मी के 32 से 40 नहीं, बल्कि कुल 59 टुकड़े किए थे। यह देखकर मर्चुरी हाउस के कर्मचारियों के होश उड़ गए। बेंगलुरु में इससे पहले इतने टुकड़ों में बंटी लाश कभी नहीं आई थी।
पति से अलग रह रही थी महालक्ष्मी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह ने बताया था कि महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह ने बताया था कि उनका परिवार नेपाल के कांठ प्रांत के टीकापुर गांव से है। 30 साल पहले काम के लिए मम्मी-पापा बेंगलुरु आए और यहीं बस गए।
महालक्ष्मी की शादी नेलमंगला में रहने वाले हेमंत दास से हुई थी, जो मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान में काम करता है। महालक्ष्मी एक मॉल में काम करती थी। दोनों की एक 4 साल की बेटी भी है, हेमंत के साथ रहती थी। महालक्ष्मी और हेमंत करीब 4 साल से अलग रह रहे थे। हालांकि, दोनों का अभी तलाक नहीं हुआ था। अक्टूबर 2023 से महालक्ष्मी बसप्पा गार्डन के पास 5वीं क्रॉस पाइपलाइन रोड पर व्यालिकावल में किराए के मकान में रह रही थी।
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