
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कानून-व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सीएम शिवराज ने कानून व्यवस्था की समीक्षा कर निर्देश दिए। बैठक में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ ही प्रदेश भर के पुलिस के आला अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक के बाद गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि आने वाले त्योहारों के मद्देनजर जेएमबी और पीएफआई जैसे संगठनों पर कड़ी नजर रहेगी।
एमपी में जुआ अधिनियम 1876में बदलाव होगा
मप्र में वर्तमान जुआ अधिनियम 1876 का है, यह ऑनलाइन गैंबलिंग जैसी बड़ी समस्या को रोकने के लिए कारगर नहीं है। इसलिए फैसला लिया गया है कि मप्र जुआ अधिनियम 2023 बनाया जाएगा, जिसमें ऑनलाइन गैंबलिंग के खिलाफ पर्याप्त प्रावधान किए जाएंगे। चिटफंड कंपनियों के खिलाफ भी लगातार अभियान जारी है, उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और निवेशकों के पैसे लौटाने की निगरानी के लिए पीएचक्यू में एडीजी की निगरानी में स्पेशल सेल बनाई जाएगी, जिससे ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
मदरसों पर सरकार की पैनी नजर…
सीएम शिवराज ने कहा कि मध्य प्रदेश में अवैध मदरसे, संस्थान; जहां कट्टरता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, उसका रिव्यू किया जायेगा। कट्टरता और अतिवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसी भी तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं!
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मिलावट पर कसावट, चिटफंड पर कार्रवाई। कहीं से भी अवैध गतिविधियों को बिल्कुल संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश में किसी भी तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में संगठित अपराध पनपने नहीं दिए जाएंगे
मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में संगठित अपराध पनपने नहीं दिए जाएंगे। अहाते पूरी तरह बंद रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर तीखी नजर रखी जाएगी, ताकि कोई भी किसी प्रकार का भ्रम न फैला सके।
आज कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मा. मुख्यमंत्री जी ने आगामी दिनों में त्योहारों को लेकर जेएमबी और पीएफआई जैसे संगठनों और सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने और प्रदेश में कहीं भी कोई अवैध गतिविधियां संचालित नहीं हो,इसको लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। pic.twitter.com/xnc5FDbaxr
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) April 19, 2023