
स्वराज संस्थान संचालनालय ने 12 साल बाद शहीद भवन के किराए में बढ़ोतरी कर दी। अभी तक शहीद भवन में एक दिन के 7 हजार रुपए देने होते थे, वहीं अब 14 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे। किराया बढ़ाए जाने से रंगकर्मियों में आक्रोश नजर आ रहा है। रंगकर्मियों का कहना है कि भारत भवन पहले ही हमें उपलब्ध नहीं हो पाता है। रवींद्र भवन का किराया भी काफी अधिक है। शहीद भवन ही कम बजट में हमें उपलब्ध हो पाता था, लेकिन अब इसका किराया भी दोगुना कर दिया है, जबकि अभी तक सुविधाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अगर किराया बढ़ाना भी था तो पहले सुविधाएं बढ़ाई जातीं, उसके बाद किराए में बढ़ोतरी की जानी चाहिए थी। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि 12 साल में कई चीजें बदल गई हैं। इतने साल से किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया था, अब बदलाव किया है तो बहुत सारी सुविधाओं में भी बदलाव किए जाएंगे।
चौपाल पर करनी पड़ेगी नाट्य प्रस्तुतियां
सरकार एक ओर तो सिनेमाघरों और फिल्म मेकर्स को फिल्में बनाने के लिए सब्सिडी दे रही हैं। वहीं दूसरी ओर रंगकर्मियों को सहयोग करने की जगह हमारे बजट में उपलब्ध होने वाले एकमात्र ऑडिटोरियम शहीद भवन के किराए को भी दोगुना कर दिया है, जबकि भारत भवन रंगकर्मियों को दिया नहीं जाता और रवींद्र भवन का किराया भी काफी अधिक है। अब शहीद भवन भी हमारे बजट से बाहर हो जाएगा। ऐसे तो हमें चौपाल पर नाट्य प्रस्तुतियां करनी पड़ेगी या जगह नहीं होने से घर पर ही बैठ जाएंगे। सरकार द्वारा थिएटर ग्रुप्स का सहयोग करने की जगह कम बजट में उपलब्ध शहीद भवन के किराए में दोगुना बढ़ोतरी की गई है, जो कि गलत है। इससे रंगकर्मियों में काफी आक्रोश है। – राजीव वर्मा, वरिष्ठ रंगकर्मी
किराया डबल होने से पहुंच से बाहर हो जाएगा शहीद भवन
नाट्य प्रदर्शन के लिए शहीद भवन ही एकमात्र सहारा था। इसका किराया भी दोगुना होने से यह भी हमारी पहुंच से बाहर हो जाएगा। सरकार को शहीद भवन का किराया दोगुना नहीं करना चाहिए था। किराया अधिक होने से ऑडिटोरियम को किराए पर लेना संभव ही नहीं हो सकेगा। जल्द ही मीटिंग करने के बाद विरोध जताएंगे। – बालेंद्र सिंह, नाट्य निर्देशक
प्रस्तुतियों के लिए तलाशनी होगी दूसरी जगह
शहीद भवन अभी तक हमारे बजट में उपलब्ध हो जाता था। अब यह भी हमारे बजट से बाहर हो जाएगा। सरकार को किराया बढ़ाना ही था तो एक-दो हजार रुपए बढ़ा सकते थे, लेकिन किराया डबल कर देना उचित नहीं है। हमें अब अपनी प्रस्तुतियों के लिए दूसरी जगह तलाशनी होगी। – श्रुति कीर्ति, बैले निर्देशक
सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किए जाएंगे कई कार्य
हमने 12 साल से शहीद भवन के किराए में कोई भी बदलाव नहीं किया था। अब 12 साल बाद हमने इसे 7 हजार से बढ़ाकर 14 हजार रुपए किया गया है। किराए बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, जिसे तत्काल लागू कर दिया गया। अब यहां पर सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। लाइट और साउंड सिस्टम को बदलकर और बेहतर किया जाएगा। – संतोष वर्मा, उप संचालक, स्वराज संस्थान संचालनालय