सीहोर में अघोषित बिजली कटौती पर कांग्रेस का प्रदर्शन, नवरात्रि में कटौती हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीहोर। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण कंपनी का पुतला फूंककर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और लगातार बिजली सप्लाई की मांग उठाई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने साफ चेतावनी दी कि नवरात्रि के दौरान बिजली कटौती से जनता परेशान हुई तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
6-6 घंटे बिजली गुल, जनता की परेशानी कौन सुनेगा?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने आरोप लगाया कि जिले के कई इलाकों में छह-छह घंटे तक बिजली बंद रखी जा रही है। बिना पूर्व सूचना के घंटों आपूर्ति ठप होने से घरेलू उपभोक्ता, किसान, व्यापारी और विद्यार्थी परेशान हैं। बिजली पर निर्भर रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करने में नाकाम नजर आ रहा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब जनता नियमित बिजली के लिए परेशान है, तब जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?
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सरकार के दावों पर सवाल
राजीव गुजराती ने कहा कि बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी केवल विद्युत वितरण कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश सरकार भी इसके लिए जवाबदेह है। सरकार की ओर से बेहतर व्यवस्थाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति में उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली व्यवस्था में लापरवाही और कुप्रबंधन का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
नवरात्रि में कटौती हुई तो सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
आगामी नवरात्रि का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह धार्मिक आस्था और पूजा-अर्चना का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान मंदिरों, धार्मिक स्थलों, बाजारों और घरों में विशेष आयोजन होते हैं। ऐसे समय में बिजली कटौती लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती है। उन्होंने विद्युत वितरण कंपनी और प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यदि कटौती के कारण श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को परेशानी हुई तो जिला कांग्रेस कमेटी जनता के हित में उग्र आंदोलन करेगी। गुजराती ने इसकी जिम्मेदारी विभाग और सरकार पर तय करने की बात कही।
कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने लोड सेटिंग के नाम पर की जा रही अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद करने, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने और आवश्यक कटौती की स्थिति में उपभोक्ताओं को पहले से सूचना देने की मांग की। पार्टी ने सरकार से नियमित बिजली आपूर्ति के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के दौरान घनश्याम यादव, प्रीतम दयाल चौरसिया, राजाराम बड़े भाई, रमेश गुप्ता, सुनील दुबे, सीताराम भारती, रामायण प्रसाद शुक्ला, प्रेमनारायण परमार, घनश्याम मीणा, ईश्वर सिंह चौहान, नरेन्द्र खंगराले, मजीद अंसारी, के.के. रिछारिया, भगत सिंह तोमर, पंकज शर्मा, मोनू शर्मा, आसिफ अंसारी, असरफ अली, मो. अमीर, सद्दाम, हरिओम सिसोदिया, तनिष्क त्यागी, विवेक टांक, ब्रजेश पाटीदार, नन्दकिशोर मालवीय और भगत सिंह सिलावट सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब निगाहें बिजली विभाग पर
कांग्रेस के प्रदर्शन और चेतावनी के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार को लेकर विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। नवरात्रि के दौरान निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की मांग ने प्रशासन और विद्युत वितरण कंपनी के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।






















