
कानपुर देहात। महराजगंज में निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद, उनके पुत्र पूर्व सांसद प्रवीण निषाद और चौरी-चौरा विधायक श्रवण निषाद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पोस्ट में दावा किया कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश हो रही थी, जिससे तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया।
आत्महत्या से पहले लगाए गंभीर आरोप
आत्महत्या से पहले धर्मात्मा निषाद ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने निषाद समाज के हितों के लिए लगातार संघर्ष किया और प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में संगठन को मजबूत करने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से मंत्री और उनके परिवार के सदस्य असहज महसूस करने लगे, जिसके चलते उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
मंत्री संजय निषाद ने रखा अपना पक्ष
धर्मात्मा निषाद के गंभीर आरोपों के बाद कानपुर देहात में एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने इस घटना पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि धर्मात्मा पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनका उनसे विशेष लगाव था। मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। जिसे उन्होंने असत्य बताया। उनका कहना था कि धर्मात्मा ऐसी पोस्ट नहीं कर सकते।
मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वे जानना चाहते हैं कि धर्मात्मा ने आत्महत्या क्यों की। उनके सोशल मीडिया अकाउंट से विवादित पोस्ट किसने और क्यों की। उन्होनें कहा कि जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि क्या यह पार्टी की छवि खराब करने का कोई षड्यंत्र था।
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