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राहत की खबर :5 किलो गैस वाला छोटा सिलेंडर, बाद में 14.2 किलो के कनेक्शन में किया जा सकेगा कन्वर्ट

रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए प्रशासन प्लान-बी पर काम कर रहा है। इन दिनों पांच किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर की बिक्री बढ़ाई है। हर एजेंसी पर 35-35 छोटे सिलेंडर रखवाए गए हैं। अच्छी बात यह है कि ये 5 किलो वाले गैस सिलेंडर बाद में 14.2 किलो के कनेक्शन में कन्वर्ट किए जा सकेंगे।
5 किलो गैस वाला छोटा सिलेंडर, बाद में 14.2 किलो के कनेक्शन में किया जा सकेगा कन्वर्ट

भोपाल। राजधानी में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत दूर करने के लिए जिला खाद्य प्रशासन ने इंडेन, एचपी, भारत की गैस एजेंसियों पर 5 किलो रसोई गैस क्षमता वाले सिलेंडरों की बिक्री कराई। प्लान बी के तहत विशेष रूप से स्टूटेंड, मजदूर, छोटे-छोटे खाद्य पदार्थों के ठेले लगाने वालों को पांच किलो गैस वाले सिलेंडरों का कनेक्शन दिया जाने लगा है। इसके लिए लोगों को आधार कार्ड अपनी नजदीक गैस एजेंसी कार्यालय में जाकर देना होगा। साथ ही 1529 रुपए जमा कराने होंगे। सिलेंडर फिर से भरवाने के लिए एजेंसी पर ही जाना होगा और 585 रुपए देना होगा। जिला खाद्य नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि अभी गैस की किल्लत दूर करना प्रमुख उद्देश्य है। बाद में इन छोटे सिलेंडरों के कनेक्शन 14.2 किलो वाले सिलेंडरों में बदल दिए जाएंगे।

होम डिलीवरी नहीं होगी

इन सिलेंडरों की एजेंसियां होम डिलीवरी नहीं कराएंगी,एजेंसी पर ही जाकर सिलेंडर लेने होंगे। दो से तीन सदस्यों वाला परिवार भी कनेक्शन ले सकता है। 10 से 15 दिनों तक पांच किलो वजन का सिलेंडर चल जाता है। शहर में गैस की किल्लत नहीं होने देंगे।

 एक नजर में छोटे सिलेंडरों की स्थिति

  •  4 हजार छोटे सिलेंडर शहर में हैं।
  • 35 सिलेंडर एक एजेंसी से एक दिन में दिए जा सकते हैं।
  • 5000 से अधिक शहर में चाय-नाश्ता व फास्ट फूड के विक्रेता।

एजेंसियां देरी से पहुंचा पा रहीं सिलेंडर

उदाहरण के तौर यदि आपने आज रसोई गैस सिलेंडर मोबाइल नंबर पर कॉल करके या फिर वॉट्सऐप नंबर से बुकिंग की है तो दो से तीन दिन तक होम डिलीवरी नहीं हो रही है। 12 से 14 दिन में सिलेंडर घरों तक पहुंच पा रहे हैं। इससे लोग एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने छोटे सिलेंडरों के कनेक्शन दिलाने के लिए प्लान-बी तैयार किया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह व्यवस्था जिला खाद्य प्रशासन की ओर से की जा रही है।

छोटे सिलेंडर होने से एकदम से परेशानी नहीं होगी

छोटे सिलेंडरों के कनेक्शन आसानी से दिए जाने लगे हैं। लोग बिना किसी झंझट के कनेक्शन ले सकते हैं, जिससे एकदम से सिलेंडरों की किल्ल्त नहीं होगी। रही बात एसडीएम एजेंसियों की जांच करने नहीं पहुंच रहे हैं तो उनसे जल्द ही रिपोर्ट ली जाएगी, जो गंभीरता नहीं दिखाएगा, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुमित कुमार पांडेय, एडीएम

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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