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चंद्रयान-3 की लैंडिंग होते ही साइंस सेंटर में लगे भारत माता की जय के नारे

रीजनल साइंस सेंटर में कई लोगों की आंखों से छलके आंसू, शहरवासियों और छात्रों ने कहा - हम बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

चांद पर चंद्रयान – 3 की सॉफ्ट लैंडिंग ने इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए रीजनल साइंस सेंटर में बुधवार को स्टूडेंट्स समेत भारी संख्या में शहरवासी एकत्र हुए। चंद्रयान – 3 की सॉफ्ट लैंडिंग होते ही भारत माता के जयकारों से सभागार गूंज उठा। इस क्षण को देखने के लिए शहर के कई स्कूलों से छात्र साइंस सेंटर पहुंचे, दो घंटे इंतजार के बाद स्टूडेंट्स ने न सिर्फ चंद्रयान -3 की सॉफ्ट लैंडिंग देखी, बल्कि साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर साकेत सिंह कौरव ने छात्रों को इंटरेक्टिव प्रोग्राम में कई महत्वपूर्ण जानकारी दीं।

भावुक हुए कई लोग : सॉफ्ट लैडिंग के दौरान साइंस सेंटर में उत्सव जैसा महौल देखने को मिला। बड़े-बच्चे सभी खुशी से झूम रहे थे। सबके हाथों में तिरंगा था, वह तिरंगे के साथ नाचने लगे। वहीं कई ऐसे भी लोग मौजूद थे, जिनकी आंखों में खुशी के आंसू झलक आए। थल सेना के कई जवान भी इस मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने स्टेज पर आकर भारत माता के जयकारे लगाए।

स्कूलों में छात्रों ने चंद्रयान-3 की लाइव सॉफ्ट लैंडिंग देखकर जाहिर की खुशी, तिरंगे लहराए, ढोलक की थाप पर किया डांस

राजधानी के सभी प्रमुख स्कूलों में स्टूडेंट्स को चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग को लाइव दिखाने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। सुभाष एक्सीलेंस स्कूल, कोटरा शा. हायरसेकंडरी स्कूल, बरखेड़ी सीएम राइज स्कूल, निशातपुरा सीएम राइज स्कूल सहित विभिन्न स्कूलों में वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि को देखने के लिए छात्रों का उत्साह चरम पर था। सुभाष स्कूल में संयुक्त संचालक प्रशांत डोलक, प्राचार्य सुधाकर पाराशर, व्यवस्थापक शिक्षक अर्पणा सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे।

ब्लैक एंड वाइट रंगोली बनाकर दिखाया चंद्रयान-3

यहां दोपहर से ही छात्रों ने चंद्रयान से संबंधित रंगोली, पेंटिंग और मॉडल बनाना शुरू कर दिए थे। सुभाष स्कूल के हॉल में करीब 300 छात्र शाम 4:30 बजे से ही स्क्रीन के सामने बैठ गए थे। छात्रों में चंद्रयान की लैंडिंग देखने का इतना उत्साह था कि बीच में आने वाले विज्ञापन और अन्य भाषण का विरोध करते नजर आए। चंद्रयान की लैंडिंग पर सभी छात्रों ने वंदेमातरम भारतमाता की जय के नारे लगाते हुए तिरंगे लहराए। छात्रों ने संकल्प लिया कि इस तरह के काम कर देश की प्रगति में सहयोग करेंगे। यहां ढोल की भी व्यवस्था की गई थी। देर तक बच्चे ढोल की थाप थिरकते नजर आए। दो घंटे के लगातार इंतजार के बाद भी उनके चेहरों की खुशी कम नहीं हुई थी।

हमने जाना चांद में 14 दिन में होता है सनसेट

इंटरेक्टिव प्रोग्राम में हमें यह बताया गया कि चांद पर 14 दिन में सनसेट होता है। चंद्रयान – 3 जहां उतर रहा है, वहां अक्सर अंधेरा रहता है। कुछ समय के लिए सूरज की रोशनी साउथ पोल पर पहुंचती है। -अथर्व पांडे, एपीएस स्कूल

फोटो के जरिए मिली शैडो की जानकारी

हमें इस मौके पर चांद के फोटो दिखाए गए जिसके जरिए हमें यह समझाया गया कि चांद में जो गड्ढे हैं, उनकी शैडो कहां दिखाई दे रही है। चांद में कई होल हैं, उनमें से एक होल की दूरी इंटरेक्टिव प्रोग्राम में बताई गई। यह सेशन रोचक रहा। -शेजान दंगे, केवी स्कूल

मैंने जाना चांद पर 12 लोगों ने रखा है कदम

चांद पर अब तक कितने लोगों ने कदम रखा है। यह हमें बताया गया चांद पर अब तक 12 लोग कदम रख चुके हैं। यहां आकर चंद्रयान – 3 की सॉफ्ट लैंडिंग को देखकर बहुत अच्छा लगा और मैं आगे भी यहां आता रहूंगा। -कृष कुमार, केवी स्कूल

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