सीधी में धर्मांतरण के आरोप में दो महिलाएं गिरफ्तार, नौकरी और 1 लाख रुपए का दिया था लालच

सीधी। जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र में प्रलोभन देकर कथित धर्मांतरण कराने के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नीलम दीक्षित और गीता दीक्षित के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता रघुनाथ प्रजापति ने आरोप लगाया था कि उन पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। इसके बदले 1 लाख रुपए नकद, सरकारी नौकरी और परिवार को आजीवन मुफ्त शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं देने का लालच दिया गया था। पुलिस ने दोनों महिलाओं को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया। मामला 11 अक्टूबर का है। रघुनाथ प्रजापति ने जमोड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उन पर लगातार ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। इसके साथ ही उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक लाभ और सुविधाएं देने का प्रलोभन दिया गया था।
प्रार्थना सभा के दौरान हुआ था विवाद
11 अक्टूबर को जमोड़ी स्थित एमपीईबी (MPEB) कॉलोनी के पीछे एक निजी आवास में प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और कथित धर्मांतरण गतिविधियों का विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिसमें तीन कार्यकर्ता घायल हो गए थे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। इसके बाद शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
जमोड़ी थाना प्रभारी केदार परौहा के अनुसार, विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर नीलम दीक्षित और गीता दीक्षित की संलिप्तता सामने आने पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।




















