Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

शिवराज सिंह चौहान का पलटवार, बोले- देश की जनता का मूड कुछ और है रिजीम चेंज गैंग की स्क्रिप्ट कुछ और

देश में रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में विपक्ष पर निशाना साधते हुए चुनावी नतीजों का हवाला दिया। पवन खेड़ा ने चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन की बात कही, जबकि प्रशांत भूषण ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया।
शिवराज सिंह चौहान का पलटवार, बोले- देश की जनता का मूड कुछ और है रिजीम चेंज गैंग की स्क्रिप्ट कुछ और
फाइल फोटो

भोपाल। देश में ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के बयानों के बाद इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सत्ता परिवर्तन की चर्चा करने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि जनता का जनादेश सत्ता परिवर्तन के सपने देखने वालों को जवाब दे रहा है।

पंजाब, दिल्ली समेत 13 विवि, गुजरात निकाय, बंगाल उपचुनाव के नतीजे...

X Post

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोस्ट में विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ चुनावों और विभिन्न राज्यों के चुनावी नतीजों का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा ‘रिजीम चेंज गैंग रोज़ सत्ता परिवर्तन के सपने देखता है, षड्यंत्र रचता है, झूठ फैलाता है और नैरेटिव गढ़ता है। लेकिन जनता के जनादेश के सामने इनके सपने साबुन के बुलबुले की तरह फूट जाते हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, ओडिशा के 13 विश्वविद्यालयों में ABVP की जीत, गुजरात निकाय चुनाव और असम, बंगाल व पुडुचेरी उपचुनाव के नतीजे बहुत कुछ बयां करते हैं। गांव हो या शहर, युवा हों या आम नागरिक...जनता का मूड कुछ और है, और रिजीम चेंज गैंग की स्क्रिप्ट कुछ और अब हर हार के बाद बस एक ही सवाल कि भैया, भारत में तुम्हारी दाल गल क्यों नहीं रही? तो रिजीम चेंज गैंग आत्ममंथन करे, फिर भी समझ न आये तो कल मैं बताऊंगा कि उनकी दाल गल क्यों नहीं पा रही...’

पवन खेड़ा और प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन पर दिए बयान

 कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था कि विपक्ष चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन करना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद के बीच कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता परिवर्तन की मांग करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। इन बयानों के बाद सत्ता परिवर्तन को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

Latest Posts