
मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को नए स्वरूप में दिखाई दी। अभी तक कक्ष क्रमांक सात में होने वाली जनसुनवाई आज कलेक्ट्रेट के मीटिंग हॉल (सभाकक्ष) में आयोजित की गई। जनसुनवाई में आवेदकों को टोकन बांटे गए और नंबर आने तक उनके बैठने के लिए कुर्सियों का इंतजाम किया गया।
कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन की अनोख पहल
कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन के निर्देश पर की गई इन व्यवस्थाओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों को जनसुनवाई से जोड़ना है। ताकि जरूरत पड़ने पर जनसुनवाई में दूरदराज से आए लोगों की समस्याओं पर सीधे इन अधिकारियों से जबाब तलब किया जा सके। इसके साथ ही उनके त्वरित निराकरण के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा सकें।

अब आवेदकों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा
कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में टोकन सिस्टम से अब आवेदकों को लाइन में लगना नहीं पड़ रहा है। आवेदकों उनका नंबर आने पर पांच-पांच के समूह में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष पहुंच रहे हैं। यहां भी उनके बैठने के लिए कुर्सियां सुरक्षित की गई हैं। आवेदक अपनी समस्या अधिकारियों के सामने खड़े होकर नहीं बल्कि कुर्सी पर बैठकर बता रहे हैं। इसके लिए कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और अपर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के बगल वाली कुर्सियां आवेदकों के लिए सुरक्षित रखी गई हैं।

ग्रामीणों ने कलेक्टर का आभार जताया
व्यवस्थाओं में हुए इन बदलाव से जनसुनवाई में शामिल हुए लोगों ने काफी राहत महसूस किया। इसके साथ ही ग्रामीणों की सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन का आभार भी जताया है। सभी लोगों ने नई व्यवस्था को आगे भी जारी रखने की अपेक्षा कलेक्टर से की है।