
धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में नवरात्रि का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस साल शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 15 अक्टूबर 2023 से हो चुका है। शारदीय नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। इन दिनों भक्त मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत और पूजा-पाठ करते हैं। आज शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन है, जिसे दुर्गा महानवमी भी कहा जाता है। यह दिन मां सिद्धिदात्री देवी को समर्पित होता है।
नवमी के दिन हवन का विधान
नवमी के दिन नवरात्रि की पूर्णता के लिए हवन भी किया जाता है। नवमी के दिन पहले पूजा करें, फिर हवन करें। इसके बाद कन्या पूजन करें, कन्या पूजन के बाद सम्पूर्ण भोजन का दान करें।
पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह- 06 बजकर 27 मिनट से 07 बजकर 51 मिनट तक
दोपहर- 01 बजकर 30 मिनट से 02 बजकर 55 मिनट तक
नवरात्रि के नौवें दिन का महत्व
महा नवमी नवरात्रि का आखिरी दिन होता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से समस्त सिद्धियों का ज्ञान प्राप्त होता है। इनकी पूजा करने से बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है। माता सिद्धिदात्री नवदुर्गा का सम्पूर्ण स्वरुप हैं। इनकी पूजा से सम्पूर्ण देवियों की पूजा का फल मिल जाता है। सामान्य रूप से मां सिद्धिदात्री कमल पुष्प पर आसीन होती हैं, हालांकि इनका भी वाहन सिंह है। मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं।
नवरात्रि के नौवे दिन मां की पूजा के बाद हवन किया जाता है, जो लोग व्रत रखते हैं वो इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं और नवरात्रि व्रत का पारण करते हैं। इस दिन पूजा में मां को नौ कमल के फूल लाल कपड़े में रखकर अर्पित करना चाहिए।
मां सिद्धिदात्री पूजा विधि
- स्नान के बाद हरा मोर रंग वाले वस्त्र पहनें, ये देवी सिद्धिदात्री का प्रिय रंग है।
- सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और नवग्रह को फूल अर्पित करें।
- देवी को धूप, दीप, फल, फूल, भोग और नवैद्य अर्पित करें।
- पंचोपोचार विधि से देवी की उपासना करें, कमल या गुलाब के फूलों की माला अर्पित करें।
- कन्या भोजन के लिए बनाए प्रसाद हलवा, चना, पूड़ी का प्रसाद चढ़ाएं।
- “ॐ ह्रीं दुर्गाय नमः मंत्र का एक 108 बार जाप करें, कन्या पूजन करें।
- दान-दक्षिणा दें और कन्याओं से आशीर्वाद लेकर उन्हें विदा करें।
- पूरे विधि विधान से देवी के सहस्त्रनामों का जाप करते हुए हवन करें।
- नवमी तिथि समाप्त होने के बाद ही व्रत खोलें।
महानवमी के उपाय
- नवमी तिथि पर मां दुर्गा को लाल रंग की चुनरी में सिक्के और बताशे रख कर चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से मां आपकी सभी मुरादें पूरी करती हैं।
- इस दिन कन्या पूजन के दौरान 9 कन्याओं को उनके पसंद का भोज कराने के बाद, उनकी जरूरत का कुछ भी लाल रंग का सामान जरूर भेंट करें। ऐसा करने से माता रानी की कृपा बनी रहती है।
- महानवमी के दिन किसी सुहागिन स्त्री को लाल रंग की साड़ी और श्रृंगार का सामान भेंट करना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर परिवार में सुख-समृद्धि आएगी और घर में धन की आवक बनी रहती है। इसके साथ ही मां दुर्गा भी प्रसन्न होती हैं।
(नोट: यहां दी गई सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। हम मान्यता और जानकारी की पुष्टि नहीं करते हैं।)