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बाणसागर में करंट की चपेट में आने से नर हाथी की मौत, वन अमला व पुलिस जांच में जुटी

शहडोल जिले के देवलोंद थाना क्षेत्र के चंदोली गांव में खेत के बोरवेल के पास करंट लगने से नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बाणसागर क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही और इससे पहले मऊगंज में हुई ऐसी घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ाई है।
बाणसागर में करंट की चपेट में आने से नर हाथी की मौत, वन अमला व पुलिस जांच में जुटी
शहडोल। बाणसागर क्षेत्र में करंट लगने से नर हाथी की मौत हो गई।

शहडोल।जिले के बाणसागर क्षेत्र अंतर्गत देवलोंद थाना क्षेत्र के चंदोली गांव में मंगलवार को एक खेत में नर हाथी की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना वार्ड नंबर 7 स्थित एक निजी खेत की है, जहां बोरवेल के समीप हाथी का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस का संयुक्त अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का मुआयना कर जांच पड़ताल शुरू की। घटना के बाद मौके पर आसपास के ग्रामीणों का भारी हुजूम जमा हो गया।

तकनीकी खराबी की वजह से फैला था करंट

प्रारंभिक जांच के अनुसार, नर हाथी विचरण करते हुए खेत में लगे बोरवेल के नजदीक पहुंचा था, जहां वह बिजली के करंट के संपर्क में आ गया। हालांकि, खेत में करंट तकनीकी खराबी की वजह से फैला था अथवा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी, यह स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। वन अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विद्युत अमले की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही मौत के सटीक कारणों व जवाबदेही का निर्धारण हो सकेगा।

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एक दर्जन से अधिक हाथियों का दल सक्रिय

उल्लेखनीय है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले बाणसागर क्षेत्र की जगमल पंचायत अंतर्गत सेझहरी गांव के ग्रामीणों ने हाथियों के दल की लगातार आवाजाही को लेकर भारी रोष व परेशानी व्यक्त की थी। ग्रामीणों का कहना था कि शाम ढलते ही हाथियों का झुंड बस्तियों के नजदीक पहुंच जाता है, जिससे खड़ी फसलों और कच्चे मकानों को लगातार भारी नुकसान पहुंच रहा है। हाथियों के मूवमेंट के चलते सुरक्षा के लिहाज से अक्सर बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे रात के अंधेरे में ग्रामीणों को लाठी और मशालें लेकर खुद अपनी सुरक्षा और फसलों की रखवाली करनी पड़ती है।देवलोंद व बाणसागर क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ी हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों से एक दर्जन से अधिक हाथियों का दल निरंतर सक्रिय है। हालांकि मृत मिला हाथी इसी समूह का हिस्सा था या किसी अन्य क्षेत्र से भटककर आया था, इसकी पुष्टि की जा रही है।

विंध्य क्षेत्र में करंट से हाथी की मौत का दूसरा माामला

गौरतलब है कि विंध्य क्षेत्र में करंट से हाथी की मौत का यह पहला मामला नहीं है; इससे पूर्व बीते 19 सितंबर को मऊगंज जिले के मलकपुर गांव में भी करंट लगने से एक हाथी की जान जा चुकी है। बार-बार दोहराई जा रही ऐसी घटनाओं ने वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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