
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भी बिकवाली का माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी अपने ऑलटाइम हाई से क्रमशः 6500 और 2100 अंक नीचे हैं। इस गिरावट में FMCG कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। इसमें एशियन पेंट्स, ब्रिटानिया और अपोलो हॉस्पिटल जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के कमजोर दूसरी तिमाही परफॉर्मेंस ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ाई और जिससे शेयरों में बिकवाली का दौर जारी रहा।
निवेशकों के कमजोर भरोसे से सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट
सोमवार को सेंसेक्स 80,102.14 अंक तक चढ़ा लेकिन अंत में यह केवल 9.83 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 79,496.15 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 6.9 अंक गिरकर 24,141 पर बंद हुआ, जबकि दिन के दौरान यह 24,336 अंक तक गया था। कुल मिलाकर सेंसेक्स अपने उच्चतम स्तर से लगभग 6500 अंक नीचे है और निफ्टी करीब 2100 अंक नीचे चल रहा है। इस बिकवाली का असर FMCG और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों के शेयरों पर सबसे अधिक पड़ा है।
एशियन पेंट्स के कमजोर नतीजे से शेयरों में गिरावट
एशियन पेंट्स के दूसरी तिमाही नतीजे ने बाजार में निराशा फैलाई। कंपनी का मुनाफा पिछले साल की तुलना में 44% गिरकर 694 करोड़ रुपए रहा। इसके अलावा, कंपनी की आय में भी 5.3% की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर परिणामों के चलते कई अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म्स ने एशियन पेंट्स के शेयर पर अपने लक्ष्य मूल्य में कटौती की है। जेपी मॉर्गन ने इस शेयर की रेटिंग ‘अंडरवेट’ कर दी है और इसके लक्ष्य मूल्य को 2800 रुपए से घटाकर 2400 रुपए कर दिया है। इसी प्रकार, सीएलएसए और नोमुरा ने भी इसके शेयर मूल्य के लक्ष्य को घटा दिया है।
ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि एशियन पेंट्स को कमजोर डिमांड और बढ़ते प्रतिस्पर्धा के चलते चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी का कहना है कि दूसरी छमाही में डिमांड में सुधार की संभावना है, लेकिन वर्तमान परिणाम ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
एशियन पेंट्स के शेयर सोमवार को 8.18% गिरकर 2547 रुपए पर बंद हुए। इसके अलावा, ब्रिटानिया के शेयरों में भी 5.62% की गिरावट देखी गई और यह 5404 रुपए पर बंद हुआ। अपोलो अस्पताल के शेयर 3.37% की गिरावट के साथ 7155 रुपए पर बंद हुए, जबकि टाटा एलेक्सी के शेयर 6.09% और UPL के शेयर 7.62% की गिरावट के साथ क्रमशः 6500 और 513 रुपए पर बंद हुए। MapmyIndia के शेयरों में भी 8.06% की गिरावट दर्ज की गई और यह 1882 रुपए पर बंद हुआ। इन सभी शेयरों में गिरावट के कारण बाजार में निराशा का माहौल बना रहा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारणों में विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी शामिल है। पिछले दो महीनों से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर चीनी बाजार में निवेश कर रहे हैं। अक्टूबर में ही विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की निकासी कर चुके हैं, जबकि नवंबर के शुरुआती दिनों में ही यह आंकड़ा 20 हजार करोड़ रुपए को पार कर चुका है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भारतीय बाजार पर दबाव बना रही है।
दूसरी तिमाही के कमजोर परिणामों का असर
दूसरी तिमाही के कमजोर परिणाम भी बाजार की गिरावट का एक प्रमुख कारण रहे हैं। आईटी कंपनियों के कमजोर परिणामों के बाद अब कंज्यूमर गुड्स कंपनियों के भी कमजोर परिणाम आ रहे हैं। एशियन पेंट्स के खराब परिणाम ने सोमवार को बाजार का मूड और बिगाड़ा। कमजोर परिणामों के कारण कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर बंद हुए।
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