सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र की तैयारियों पर मंथन, होटल संचालकों और नेचुरलिस्टों से मांगे सुझाव

सोहागपुर। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में आगामी पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में सोमवार को मढ़ई में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र संचालक श्रीमती राखी नंदा की उपस्थिति में होटल संचालकों, प्रबंधकों और नेचुरलिस्टों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक संचालक आशीष खोबरागड़े ने बताया कि बैठक में पर्यटन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।बैठक में पर्यटकों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने, पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित रखने और उन्हें प्रकृति के अनुकूल बनाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। पार्क प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि पर्यटन के दौरान वन और वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
होटल संचालकों और नेचुरलिस्टों से मांगे सुझाव
बैठक के दौरान होटल संचालकों, प्रबंधकों और नेचुरलिस्टों से आगामी पर्यटन सत्र को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए। पर्यटन से जुड़े लोगों ने व्यवस्थाओं, समन्वय और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने को लेकर अपने विचार रखे। अधिकारियों ने सभी हितधारकों से निर्धारित नियमों और व्यवस्थाओं का पालन करने की अपील की। साथ ही जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर फोकस
बैठक में नेचुरलिस्टों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों को सतपुड़ा की प्राकृतिक संपदा, वन्यजीवों और जैव विविधता के प्रति संवेदनशील बनाने में नेचुरलिस्ट अहम भूमिका निभा सकते हैं।
संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन रहेगा प्राथमिकता
पार्क प्रबंधन के अनुसार आगामी पर्यटन सत्र में पर्यटन गतिविधियों के साथ वन एवं वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं देने के साथ उन्हें प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के प्रयास भी किए जाएंगे। बैठक में सहायक संचालक एसपी मिठानी, मढ़ई रेंजर राहुल उपाध्याय, बागरा बफर रेंजर विलास डोंगरें सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रबंधन का लक्ष्य है कि नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को सतपुड़ा के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों का अनुभव सुरक्षित, अनुशासित और प्रकृति-अनुकूल वातावरण में मिल सके।



















