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सागर के आकाश ने खेती को बनाया लाभ का धंधा, मल्टीलेयर फार्मिंग मॉडल से खोले रोजगार के विकल्प, पीएम मोदी कर चुके सम्मानित

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सागर के आकाश ने खेती को बनाया लाभ का धंधा, मल्टीलेयर फार्मिंग मॉडल से खोले रोजगार के विकल्प, पीएम मोदी कर चुके सम्मानित
कृषि को लाभ का धंधा बनाने से ही किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं बना रही है। इसी बीच मप्र के सागर के आकाश चौरसिया ने कृषि के क्षेत्र में नित नए नवाचार करते हुए न केवल कृषि और कृषकों के लिए एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है। साथ ही युवाओं के सामने रोजगार के विकल्प को भी सार्थक किया है।

डॉक्टर बनना चाहते थे आकाश

आपको बता दें कि आकाश चौरसिया का जन्म मप्र के सागर जिले के ग्राम तिली में एक किसान परिवार में हुआ। इनके माता पिता पान की कृषि करते हैं। आकाश हायर सेकंडरी की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज करना चाहते थे। लेकिन, बढ़ती अस्पतालों की संख्या और बीमारियों की भीड़ को देखकर उन्होंने जहर मुक्त अनाज खिलाने के उद्देश्य से जैविक कृषि करने का संकल्प लिया। लगातार कड़ी मेहनत और परिश्रम से जैविक कृषि से बागवानी, उद्यानकी, जैविक खाद उत्पादन हासिल किया।

क्या है पांच लेयर फार्मिंग मॉडल?

आकाश ने कृषि के क्षेत्र में कई नवाचार किए हैं। जिनमें पांच लेयर फार्मिंग मॉडल, जिसमें वे एक साथ एक ही जमीन पर एक समय में 5-5 फसलें लेते हैं।
  • प्रथम फसल के रूप में जमीन के अंदर 2 इंच की गहराई व 6 इंच की चौड़ाई पर अदरक या हल्दी।
  • द्वितीय फसल के रूप में जमीन की सतह पर चौलाई भाजी, पालक भाजी, धनिया पत्ती आदि।
  • तृतीय फसल के रूप में जमीन की सतह से 6.5 फीट की ऊंचाई पर बनाए गए जाले पर 5-5 फीट के अंतर से लगाकर कदु, पड़ोरा, परवल, करेला आदि में से कोई एक वेल वाली।
  • चौथी फसल के रूप में जमीन और जाले के बीच में खाली स्थान पर 2-2 फीट के अंतर से गिलकी, लौकी खीरा आदि में से कोई एक।
  • पांचवीं फसल के रूप में देसी पपीते को लेते हैं जो जाले से ऊपर फल देते हैं।

हजारों किसानों ने अपनाया ये मॉडल

आकाश चौरसिया बताते हैं कि, इस मॉडल में कीड़ों का प्रकोप कम होता है। मौसम परिवर्तन का प्रभाव नहीं होता साथ ही खाद की कम आवश्यकता होती है। इस तरह इस मॉडल में एक साथ 5 फसलों को उगाकर 5 गुना आमदानी होती है। चौरसिया प्रत्येक माह में कैम्प के द्वारा अन्य किसानों को भी इस मॉडल के बारे में प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने बताया कि, देश भर के हजारों किसानों द्वारा यह मॉडल अपनाया जा चुका है।

पीएम मोदी ने किया सम्मानित

आकाश की जैविक कृषि के साथ फाइव लेयर फार्मिंग मॉडल को हजारों किसानों द्वारा सराहा जा रहा है। वहीं ये पूर्ण रूप से जैविक होने के कारण फसल की गुणवत्ता भी अधिक होती है। आकाश को उनके द्वारा किए गए नवाचारों के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ विभिन्न उच्च संस्थानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। आकाश ने साल 2018 में पीएम मोदी के हाथों से 'ग्राममित्र युवा सम्मान' पाया।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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