रायसेन: संरक्षित वन क्षेत्र में दर्जनों पेड़ों की कटाई का आरोप, जमीन पर हो रही वाहनों की पार्किंग

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के पाली क्षेत्र में संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। सुल्तानपुर जोड़ से सुल्तानपुर जाने वाले मुख्य मार्ग के किनारे कई पेड़ कटे हुए मिले हैं। मौके पर पेड़ों के तने और ताजा कटाई के निशान दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि पेड़ों को काटकर जमीन समतल की गई और अब इसका इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए किया जा रहा है।
सागौन समेत कई पेड़ काटने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, कटाई वाली जगह सुल्तानपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बताई जा रही है। यह क्षेत्र रातापानी टाइगर रिजर्व और सिंघोरी वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े वन क्षेत्र के आसपास स्थित है। यहां सागौन सहित अन्य प्रजातियों के हरे पेड़ों की कटाई किए जाने का आरोप है। मौके पर कई पेड़ जमीन पर गिरे मिले। इसके अलावा, जमीन को साफ और समतल किए जाने के निशान भी दिखाई दिए हैं। हालांकि, कितने पेड़ काटे गए और कटाई कब हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सामने ढाबा, साफ जमीन पर खड़े हो रहे वाहन
स्थानीय लोगों के अनुसार, कटाई वाली जगह के सामने एक ढाबा संचालित हो रहा है। आरोप है कि पेड़ों को हटाकर खाली की गई जमीन पर वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। इस मामले में सवाल उठ रहे हैं कि यदि वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई हुई है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को समय रहते क्यों नहीं मिली। संरक्षित क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और जमीन के इस्तेमाल को लेकर अब जांच की जरूरत है।
वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
वन क्षेत्र में अवैध कटाई रोकने के लिए गश्त और निगरानी की व्यवस्था होती है। ऐसे में इस मामले में यह पता लगाना जरूरी है कि पेड़ किसने काटे, कितने पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया और जमीन का इस्तेमाल किसकी अनुमति से किया जा रहा है। फिलहाल, पेड़ों की कटाई और पार्किंग के लिए जमीन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। वन विभाग के निरीक्षण के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वन विभाग ने कही जांच और कार्रवाई की बात
इस मामले में सुल्तानपुर वन विभाग के एसडीओ जितेंद्र तोमर ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है। वे मौके का निरीक्षण करेंगे और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि निरीक्षण में कितने पेड़ों की कटाई की पुष्टि होती है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।




















