
पंजाब के अमृतसर में एक जापानी लड़के और भारतीय पिता का भावुकता से भरा मिलन हुआ। दोनों एक दूसरे से 20 साल बाद मिले। दो दशक पहले जिस बेटे को छोड़कर पिता जापान से भारत आ गए थे, वो अब बड़ा हो चुका है। कॉलेज असाइनमेंट को पूरा करने की कोशिश में 21 वर्षीय रिन तकाहाता भारत आया और अपने पिता को आखिर ढूंढ ही निकाला। वह जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट्स का छात्र है। उसकी पिता की ये खोज रक्षाबंधन से एक दिन पहले 18 अगस्त को पूरी हुई।
वह अपने पिता के बारे में बहुत कम जानता था। उसके पास पिता की जानकारी के नाम पर उनका पुराना पता और उसकी मां साची तहाकाता की दी हुई कुछ तस्वीरें और सामान भर था। जैसे तैसे सोशल मीडिया के सहारे और तमाम उपाय करके वो अपने पिता के पुराने रिहाइश वाले इलाके में पहुंचा। स्थानीय लोगों ने फोटो से उसके पिता को पहचान लिया और उसके पिता के नए पते के बारे में बताया।
असाइनमेंट बनी पिता को खोजने की वजह
रिन तकाहाता ने बताया कि कॉलेज में उसे एक असाइनमेंट मिला था, जिसमें फैमिली ट्री बनाना था। उसे अपनी मां के परिवार के बारे में तो सब कुछ पता था लेकिन पिता का नाम छोड़कर उनके बारे में कुछ नहीं जानता था। इसी से मोटिवेट होकर उसने अपने पिता की तलाश शुरू की।
पिता को थाईलैंड में हुआ था उसकी मां से प्यार
रिन तकाहाता के पिता सुखपाल सिंह ने 2002 में साची तहाकाता से शादी की थी। शादी के बाद दोनों जापान लौट आए और टोक्यो में रहने लगे। वे दोनों सुखी थे। 2003 में अगले ही साल रिन का जन्म हुआ। कुछ ही सालों बाद पति-पत्नी में झगड़े होने लगे। रिश्ते में दरार कुछ इस कदर बढ़ गया कि उसे बचाना मुश्किल हो गया। इसे बचाने की कई कोशिशें हुईं, लेकिन आखिरकार शादी टूट ही गई।
साल 2007 में सुखपाल सिंह हमेशा के लिए भारत लौट आए। उन्होंने भारत आने के बाद दूसरी शादी कर ली, जिनसे उनकी एक बेटी है।

राखी पर मिला तोहफा
सुखपाल की दूसरी पत्नी रिन को पाकर बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी एक भाई के लिए तरस रही थी। ऐसे में राखी के दिन उसे भेजकर भगवान ने तोहफा दिया है। उनकी बेटी ने रिन को राखी बांधकर रक्षाबंधन सेलिब्रेट किया। रिन तकाहाता चाहते हैं उनके माता-पिता कम से कम एक बार फिर से एक दूसरे से मिलें।