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Mann Ki Baat : ‘रूको, सोचो और एक्शन लो...’ डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर PM मोदी ने दिया बचाव का मंत्र

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Mann Ki Baat : ‘रूको, सोचो और एक्शन लो...’ डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर PM मोदी ने दिया बचाव का मंत्र
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 150वीं कड़ी में देश में तेजी से बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड के मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी सरकारी एजेंसियों के नाम पर लोगों को धमकाते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस प्रकार के फरेब से सतर्क रहें और इसके खिलाफ कदम उठाने में देर न करें। उन्होंने इससे बचने के लिए देशवासियों से ‘रूको, सोचो और एक्शन लो’ का मंत्र साझा किया।

सरकारी एजेंसियों के नाम पर होती है ठगी

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर अपराध का एक नया और गंभीर रूप है, जिसमें ठग ऑनलाइन माध्यम से लोगों को धमकाते हैं कि वे किसी सरकारी एजेंसी द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इसके बाद जुर्माने या फीस के नाम पर उनसे पैसों की मांग की जाती है। मोदी ने कहा कि ऐसे मामलों में कई लोग डर के कारण ठगों के जाल में फंस जाते हैं और अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।

हर वर्ग के लोग हो रहे हैं शिकार

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ से हर उम्र और वर्ग के लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई लोगों ने अपने मेहनत से कमाए लाखों रुपए गंवा दिए क्योंकि उन्होंने जल्दबाजी और डर में आकर ठगों के निर्देशों का पालन कर लिया। उन्होंने विशेष रूप से यह चेतावनी दी कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से पूछताछ नहीं करती, न ही पैसों की मांग करती है।

‘रूको, सोचो और एक्शन लो’

प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए तीन महत्वपूर्ण मंत्र बताए..
  1. रूको- जब भी आपको किसी संदिग्ध कॉल या संदेश के माध्यम से धमकी दी जाए, तो घबराएं नहीं और जल्दबाजी में कोई भी कदम न उठाएं। अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
  2. सोचो- इस स्थिति में खुद से सवाल करें कि क्या कोई सरकारी एजेंसी इस प्रकार से फोन या वीडियो कॉल पर संपर्क करेगी? अगर ऐसा कॉल संदिग्ध लगे, तो समझें कि यह फरेब हो सकता है।
  3. एक्शन लो- प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी। साथ ही, इस तरह की घटनाओं की रिपोर्ट साइबर क्राइम की वेबसाइट पर करने और परिवार तथा पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया।

फ्रॉड से निपटने के लिए सरकारी प्रयास

प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक हजारों फर्जी वीडियो कॉलिंग आईडी, सिम कार्ड और बैंक अकाउंट को ब्लॉक किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन इस चुनौती से निपटने के लिए हर नागरिक की जागरुकता बेहद जरूरी है।

सोशल मीडिया पर जागरुकता अभियान की अपील

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि उनके साथ ऐसा कोई स्कैम हो, तो वे सोशल मीडिया पर #SAFEDIGITALINDIA हैशटैग के साथ अपनी कहानी साझा करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्कता और जागरूकता ही इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।

आखिर क्या है डिजिटल अरेस्ट ?

डिजिटल अरेस्ट के तहत, साइबर अपराधी ठगी के लिए वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क करते हैं। वे धमकाकर या किसी लालच में फंसा कर व्यक्ति को कैमरे के सामने घंटों या कई दिनों तक बैठे रहने को मजबूर कर देते हैं। इस दौरान स्कैमर्स पीड़ित से पर्सनल जानकारियां हासिल कर लेते हैं। इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर वे फ्रॉड कर रहे शख्स के बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। डिजिटल अरेस्ट व्यक्ति को मानसिक और आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाता है।

कैसे करें बचाव

डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है व्यक्ति का सतर्क होना। याद रखें कि पुलिस या कोई भी कानूनी एजेंसी कभी भी आपको फोन या वीडियो कॉल के जरिए धमकी नहीं देती। वे हमेशा कानूनी प्रक्रिया का पालन करती हैं। अगर आपको इस तरह की डराने-धमकाने वाली कॉल आती है तो डरना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा, आप 1930 नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @cyberdost के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

इन बातों का रखें हमेशा ख्याल

  1. पर्सनल डेटा और ट्रांजेक्शन प्लेटफॉर्म पर मजबूत पासवर्ड लगाकर रखें।
  2. अनजान फोन कॉल पर अपनी पर्सनल या बैंक डिटेल्स न दें।
  3. अपने डिवाइस और सभी ऐप्स को अपडेट रखें।
  4. अन-ऑफिशियल प्लेटफॉर्म से कुछ भी इंस्टॉल करने से बचें।
  5. अनजान सोर्स से मिलने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
  6. कोई भी थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड न करें।
  7. डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता जरूरी है। अगर आपको कभी भी ऐसा कोई भी कॉल आए, तो बिना डरे पुलिस को सूचित करें।
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People's Reporter
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