
राजकमल प्रकाशन समूह द्वारा हिंदी भवन में आयोजित किताब उत्सव में पाठकों को ऑटो बायोग्राफी, फिलॉसफी और सोशल नॉवेल अपनी ओर खींच रहे हैं। किताब मेले में फिलॉसफी की सबसे बेहतरीन किताबों में शामिल लेखक जॉस्टिन गार्डर की सोफी का संसार, वहीं लेखक श्रीलाल शुक्ल की राग दरबारी सोशल नॉवेल और अभिनेता व लेखक पीयूष मिश्रा की ऑटो बायोग्राफी तुम्हारी औकात क्या है, पाठकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। किताब उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को कृष्ण बलदेव वैद, कृष्णा सोबती, त्रिलोचन, निर्मल वर्मा, शमशेर बहादुर सिंह के जीवन और साहित्य पर बातचीत हुई। उदयन वाजपेयी, रंजना अरगड़े, विजय बहादुर सिंह और शम्पा शाह ने सारगर्भित वक्तव्य दिया। वरिष्ठ व्यंग्यकार ज्ञान चतुर्वेदी की नवीनतम किताब ‘ज्ञान है तो जहान है’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर आमोद महेश्वरी और श्रुति महेश्वरी भी उपस्थित रहे।
‘तुम्हारी औकात क्या है’
लेखक पीयूष मिश्रा की आत्मकथात्मक उपन्यास तुम्हारी औकात क्या है। यह आत्मकथा जितनी बाहर की कहानी बताती है, उससे ज्यादा भीतर की कहानी बताती है। इसमें थिएटर जगत, नाट्य विद्यालय और फिल्मी दुनिया के कई सुखद-दुखद पहलुओं को लिखा गया है।
‘सोफी की संसार’
लेखक जॉस्टिन की बुक सोफी का संसार का हिंदी अनुवाद सत्यपाल गौतम ने किया है। इस उपन्यास में पाश्चात्य जगत की दर्शन गाथा है। इस नॉवेल में कठिन विचारों के विषय में सोचने के तरीकों के बारे में चुनौतीपूर्ण और आसानी से पकड़ में आ जाने वाली युक्तियों से भरपूर है।
सोशल नॉवेल लेने आया हूं
किताब उत्सव मेले में एक से बढ़कर एक लेखकों के लिखे उपन्यास है। मैं हरिशंकर परसाई की किताब तुलसीदास चंदन घिसैं लेने आया हूं। हरिशंकर परसाई की कई किताबें पढ़ा चुका हैं। इसके अलावा मैत्रेयी पुष्पा की लिखी गुनाह बेगुनाह लूंगा। -अजय वर्मा, पाठक
फिलॉसफी पढ़ना पसंद है
मुझे उपन्यास पढ़ना बेहद पसंद हैं। मैं मंजूर एहतेशाम की कुछ दिन और ज्ञान चतुर्वेदी की किताब पागलखाना लेने आया हूं। इन लेखकों के उपन्यास बहुत रोचक और ज्ञानवर्धक होते हैं। इनके उपन्यास पढ़ने पर बहुत अच्छा लेता है। मुझे फिलॉसफी पढ़ना अच्छा लगता है। उसकी किताबें देख रहा हूं। -रिजवान खान, पाठक