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अकेलेपन के शिकार लोग भी पुराने दोस्तों से मिलने नहीं दिखाते रुचि

कनाडा में किए गए हालिया शोध का परिणाम
अकेलेपन के शिकार लोग भी पुराने दोस्तों से मिलने नहीं दिखाते रुचि

बनार्बी/फाल्मर। सामाजिक रिश्ते खुशी के लिए सबसे विश्वसनीय मार्गों में से एक हैं, लेकिन रिश्ते विभिन्न कारणों से फीके पड़ जाते हैं। हालांकि संपर्क को दोबारा शुरू करने में ज्यादा समय नहीं लगता है, लेकिन हालिया शोध में पाया गया है कि लोग आश्चर्यजनक रूप से ऐसा करने के लिए अनिच्छुक हैं। साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी और गिलियन सैंडस्ट्रॉम, यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स कनाडा की लारा बी अकनिन और क्रिस्टीना कास्टानेटो ने अपने शोध में पाया कि अकेलेपन से गुजर रहे कई लोगों को प्रियजनों, जैसे करीबी दोस्तों, परिवार और रोमांटिक साझेदारों के साथ समय बिताने से जुड़ी सलाह दी गई है। हालांकि बहुत से लोग ऐसे दोस्तों जिनसे संपर्क टूट गया है, उनसे मिलने में वे या तो अनिच्छुक रहे या उन्होंने उदासीनता दिखाई।

केवल 30 प्रतिशत लोगों ने ही पुराने मित्रों को संदेश भेजे

सात अध्ययनों की एक शृंखला में, हमने पाया कि अधिकांश लोगों का कोई न कोई पुराना मित्र है। जब हमने 400 से अधिक प्रतिभागियों से पूछा कि वे अभी किसी पुराने मित्र तक पहुंचने के लिए कितने इच्छुक हैं, तो अधिकांश ने कहा कि वे तटस्थ या अनिच्छुक थे। हमने 1,000 लोगों को एक संदेश अपने किसी पुराने मित्र को भेजने के लिए कहा। केवल 30 प्रतिशत ने ही यह संदेश भेजा। यह देखते हुए कि पुराने मित्र तक पहुंचने से सामाजिक जुड़ाव व खुशी बढ़ सकती हैं, इसलिए हमने उन्हें प्रोत्साहित किया लेकिन ज्यादातर आगे नहीं बढ़े।

ज्यादा खुले लोग पुराने मित्रों से संपर्क के लिए तैयार

कुछ नए किए गए और अप्रकाशित शोध में, हम जांच कर रहे हैं कि क्या कुछ व्यक्तित्व लक्षणों या विश्वासों वाले लोग किसी पुराने मित्र को संदेश भेजने की अधिक संभावना रखते हैं। 300 से अधिक लोगों की प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि जो लोग नए अनुभवों के लिए खुले हैं - वे पुराने मित्र से संपर्क करने के लिए तैयार हैं। इस झुकाव के बावजूद, हमारे शोध में पाया गया कि अत्यधिक खुले लोग जरूरी नहीं कि मौका मिलने पर पुराने दोस्तों से संवाद करें। दूसरी ओर, लोगों के मूल्य व विश्वास इस बात के अहम निर्धारक हो सकते हैं कि वे संपर्क में रहते हैं या नहीं।

People's Reporter
By People's Reporter

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