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नीमच : महिला सरपंच ने 500 रुपए के स्टांप पेपर पर अपने अधिकार ग्रामीण को सौंपे, जिला प्रशासन ने भेजा नोटिस

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नीमच : महिला सरपंच ने 500 रुपए के स्टांप पेपर पर अपने अधिकार ग्रामीण को सौंपे, जिला प्रशासन ने भेजा नोटिस
नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। दाता ग्राम पंचायत की महिला सरपंच ने कथित तौर पर 500 रुपए के स्टांप पेपर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर करके अपने अधिकार एक अन्य व्यक्ति को सौंप दिए। अधिकारियों ने मनासा जनपद के अंतर्गत दाता ग्राम पंचायत की सरपंच कैलाशी बाई कछावा को शुक्रवार को नोटिस भेजा है। इस तरह का अनुबंध करने का यह देश का पहला मामला माना जा रहा है।

क्या है मामला?

सूत्रों के अनुसार, सरपंच कैलाशी बाई ने 24 जनवरी को एक हस्ताक्षरित स्टांप पेपर के जरिए अपने अधिकार गांव के ही निवासी सुरेश गरासिया को सौंप दिए। इस समझौते के मुताबिक, सुरेश गरासिया सरपंच के सभी अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करेंगे। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA), प्रधानमंत्री आवास योजना और वाटरशेड मिशन जैसी योजनाओं का संचालन भी शामिल है। समझौते में कहा गया है कि सरपंच किसी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगी और सुरेश गरासिया के निर्देशानुसार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगी। इस दस्तावेज पर दो गवाहों ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

सरपंच को पद से हटाने के लिए नोटिस जारी

घटना के प्रकाश में आने के बाद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमन वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें शिकायत मिली है कि कैलाशी बाई ने सरपंच के रूप में अपने अधिकार सुरेश नामक व्यक्ति को सौंप दिए हैं। वैष्णव ने कहा, "पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच को हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है और शनिवार को जवाब पेश करने को कहा गया है। ग्राम पंचायत के सचिव को स्पष्टीकरण देने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। जवाब मिलने के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।"

सोशल मीडिया पर समझौते की तस्वीर वायरल

समझौते की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि समझौते का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को चार गुना हर्जाना देना होगा। हालांकि, हर्जाने की राशि का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इस घटना ने पंचायती राज व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा इस प्रकार के समझौते करना कानूनन गलत है और पंचायत राज अधिनियम के नियमों का उल्लंघन है। ये भी पढ़ें- Rewa News : चाकघाट में चोरी की घटनाएं बढ़ीं, पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल, CCTV में कैद हुए चोर
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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