Navratri 2026: किसी के लिए मां तो किसी के लिए बहन और बेटी हैं सबसे बड़ी ताकत, Sony SAB के सितारों ने किया ‘रियल शक्ति’ को नमन

नवरात्रि का त्योहार मां दुर्गा की शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक है। इस खास अवसर पर सोनी सब के पुरुष कलाकार मनीष वाधवा, नितिन बाबू और जितेन लालवानी ने अपनी जिंदगी की उन महिलाओं के बारे में बात की, जो उनके लिए प्रेरणा और ताकत का सबसे बड़ा स्रोत हैं। किसी के लिए मां जीवन के संस्कारों की नींव हैं, तो किसी के लिए बहन मुश्किल समय में सबसे मजबूत सहारा। वहीं, किसी की पत्नी, बेटी और सास उन्हें हर दिन बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देती हैं। नवरात्रि के मौके पर इन कलाकारों ने बताया कि उनके जीवन में महिलाओं की भूमिका कितनी खास है और कैसे उनके प्यार, धैर्य और हौसले ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी है।
मनीष वाधवा के लिए मां हैं जिंदगी की सबसे बड़ी प्रेरणा
टीवी शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले मनीष वाधवा के लिए उनकी मां उनकी असली शक्ति हैं। मनीष का मानना है कि उनके जीवन के मूल्यों और सोच को आकार देने में मां की सबसे अहम भूमिका रही है। मनीष ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें हर व्यक्ति का सम्मान करना और सभी के साथ समान व्यवहार करना सिखाया। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि या पद देखकर उसके प्रति अपना व्यवहार नहीं बदलना चाहिए। दयालु बने रहना और दूसरों को सम्मान देना ऐसे संस्कार हैं, जिन्हें वह आज भी अपने जीवन में अपनाते हैं।
नितिन बाबू के लिए उनकी बहन हैं सबसे बड़ा सहारा
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में चिराग का किरदार निभाने वाले नितिन बाबू ने अपनी बहन को अपनी जिंदगी की असली शक्ति बताया। उनके मुताबिक, भाई-बहन के रिश्ते में कभी-कभी मतभेद होना सामान्य है, लेकिन जरूरत पड़ने पर बहन हमेशा उनके साथ खड़ी रहती हैं।नितिन अपनी बहन की इस खूबी की खास तौर पर सराहना करते हैं कि वह मुश्किल परिस्थितियों को मजबूती से संभालती हैं। वह भले ही हमेशा बहुत कुछ न कहें, लेकिन सही समय पर उनका साथ नितिन के लिए बेहद मायने रखता है। उनके लिए बहन का भरोसा और बिना शर्त साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने की हिम्मत देता है। नितिन की यह बात भाई-बहन के उस रिश्ते को सामने लाती है, जिसमें छोटी-मोटी नोकझोंक के बावजूद प्यार और भरोसा सबसे मजबूत रहता है।
जितेन लालवानी की असली शक्ति हैं मां, पत्नी, बेटी और सास
‘हस्तिनापुर के वीर’ में द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले जितेन लालवानी के लिए उनकी जिंदगी की शक्ति सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार की कई महिलाएं हैं। उन्होंने अपनी मां, पत्नी, बेटी और सास को अपनी प्रेरणा बताया। जितेन के अनुसार, उनकी मां हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रही हैं, जबकि उनकी पत्नी ने जीवन के अच्छे और मुश्किल दोनों दौर में उनका साथ दिया है। उनकी सास डॉक्टर हैं और दूसरों की सेवा के प्रति उनका समर्पण जितेन को प्रेरित करता है। वहीं, उनकी बेटी उन्हें हर दिन नई ऊर्जा देती है। जितेन को बेटी की सीखने और नई चीजों को जानने की उत्सुकता बहुत पसंद है। भाषाओं, खानपान, नई जगहों, गायन, नृत्य और संगीत वाद्ययंत्रों में उसकी दिलचस्पी उन्हें भी लगातार प्रेरित करती है।



















