
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मंगलवार को कैलारस सहकारी शक्कर कारखाने को फिर से चालू करने और इसकी जमीन की नीलामी रोकने को लेकर किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कैलारस सहकारी शक्कर कारखाना यह करीब 14 साल से बंद पड़ी है। इसे फिर से चालू करने और इसकी जमीन की नीलामी को रोकने के लिए किसान और सर्वदलीय नेताओं ने सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया।
नीलामी में नहीं लगी बोली, प्रक्रिया को रोका
उधर, मुरैना के अतिरिक्त जिला कलेक्टर सीवी प्रसाद ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के बाद भी हाईकोर्ट के आदेश पर कारखाने के पूर्व कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए आज जमीन की नीलामी प्रक्रिया विधिवत जारी रही। 5 लोगों ने इसमें शर्तों के मुताबिक भाग लिया, लेकिन नीलामी में भाग लेने वालों ने जमीन की सरकारी कीमत अधिक होने के कारण उन्होंने बोली नहीं लगाई और प्रक्रिया को रोक दिया गया।
किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली
कारखाने की जमीन की नीलामी रोकने और कारखाने पुन: चालू करने के लिए पिछले चार दिनों से किसान और सर्वदलीय नेता कारखाने के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे थे। कारखाने की जमीन की मंगलवार को नीलामी को रोकने सैकड़ों की संख्या में किसान अपने अपने ट्रैक्टरों के साथ जौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में कारखाने पर एकत्रित हुए और वहां से जलूस के रूप में नीलामी स्थल तहसील कार्यालय पहुंचे। वहां जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस से हुई तीखी नोंकझोंक
इस दौरान विधायक उपाध्याय से पुलिस की तीखी नोंकझोंक हुई और बाद में उन्हें शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हिरासत में ले लिया गया। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने भाग लिया।
विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि कारखाने को चालू करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, लेकिन राज्य सरकार की इच्छा शक्ति की कमी के चलते कैलारस शक्कर कारखाने को चालू करने की कोई पहल नहीं हो रही। प्रदर्शन में विपक्ष के नेता हेमंत कटारे ने भी भाग लिया।