
अहमदाबाद। गुजरात मोरबी ब्रिज हादसा मामले में बड़ी खबर सामने आई है। कोर्ट ने ओरेवा ग्रुप के जयसुख पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। हालांकि, चार्जशीट अभी कोर्ट में जमा नहीं की गई है। वहीं, वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने जयसुख पटेल के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है। जिसके बाद माना जा रहा है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बता दें कि 30 अक्टूबर 2022 की शाम को मोरबी में पुल ढहने से 135 लोगों की मौत हो गई थी।
इस मामले में सरकारी एडवोकेट संजय वोरा ने कहा कि कोर्ट ने ओरेवा ग्रुप के जयसुख पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जिसके पास मोरबी पुल के नवीनीकरण का ठेका था। 70 दिनों से उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। अभी लुकआउट नोटिस जारी नहीं हुआ है। पटेल ने अग्रिम जमानत के लिए स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
Morbi bridge mishap: Gujarat court issues arrest warrant against Overa Group's Jaysukh Patel
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— ANI Digital (@ani_digital) January 24, 2023
ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है
मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है। ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है। यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। इस ब्रिज का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था।