
अहमदाबाद। गुजरात मोरबी ब्रिज हादसा मामले में बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने 1262 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। इस चार्जशीट में पुल का संचालन करने वाली कंपनी ओरेवा ग्रुप के मालिक जयसुख पटेल को भी आरोपी बनाया गया है। बता दें कि 30 अक्टूबर 2022 की शाम को मोरबी में पुल ढहने से करीब 135 लोगों की मौत हो गई थी।
Morbi bridge collapse: 1,262-page chargesheet filed, Oreva group's Jaysukh Patel included as accused
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— ANI Digital (@ani_digital) January 27, 2023
जयसुख पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
24 जनवरी को कोर्ट ने ओरेवा ग्रुप के मालिक जयसुख पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने जयसुख पटेल के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था। इस मामले में सरकारी एडवोकेट संजय वोरा ने कहा था कि जयसुख पटेल के पास मोरबी पुल के नवीनीकरण का ठेका था। 70 दिनों से उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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30 अक्टूबर 2022 को हुआ था हादसा
30 अक्टूबर 2022 की शाम को गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी के ऊपर बने सस्पेंशन ब्रिज के टूटने के चलते 300 से ज्यादा लोग डूब गए थे और 135 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में कई परिवार तक खत्म हो गए थे। हादसे के बाद लगभग 5 दिनों तक खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया था।
पीएम मोदी ने किया था मोरबी का दौरा
मोरबी पुल हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2022 को गुजरात के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। बैठक में अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने और जांच की हिदायत दी गई थी और नेताओं को इस जांच में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया गया था। पीएम ने इसके बाद मोरबी का दौरा कर घायलों से मुलाकात की थी। जांच के बाद नगर पालिका के कई अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था।
ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है
मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है। ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है। यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। इस ब्रिज का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था।