मंजरी ने सुनाया राग ललित गौरी, रेवती ने भरतनाट्यम में कराए दिव्य दर्शन
प्रणति के अंतिम दिन रवींद्र भवन में सजीं गायन, वादन, नृत्य की तीन सभाएं

रवींद्र भवन में चल रहे पांच दिवसीय प्रणति महोत्सव की अंतिम शाम शनिवार को गायन, वादन और नृत्य की तीन सभाएं सजीं। प्रस्तुतियों की शुरुआत महाराष्ट्र नासिक की गायिका मंजरी असनारे ने राग ललिता गौरी से की। उनके साथ तबले पर रामेंद्र सिंह सोलंकी और हारमोनियम पर दीपक कसरावल ने संगत दी। इसके बाद दूसरी सभा तबला वादन की सजी, जिसमें प्रख्यात तबला वादक योगेश समसी ने एकल तबला वादन किया। उनके साथ हारमोनियम पर मिलिंद कुलकर्णी ने साथ दिया।
वहीं कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति रेवती रामचंद्रन की भरतनाट्यम की रही। घंबीर नाट्टे और आदिताल में निबद्ध इस प्रस्तुति ने मां के दिव्य दर्शन दर्शकों को कराए। उनके साथ नाट्टुवंगम और वोकल में मनस्विनी केआर, वोकल पर अमृता गुनावती, मृदंगम पर वेंकट सुब्रमण्यम और वायलिन पर केपी नंदिनी ने साथ दिया।












