गुना जिला अस्पताल में हर डिलीवरी के बाद प्रसूताओं से लिया जाएगा फीडबैक, कलेक्टर ने दिए निर्देश
गुना। कलेक्टर ने मेटरनिटी वार्ड और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार करने को कहा। आठ एंबुलेंस मेंटेनेंस पर मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने और कंपनी के मुख्यालय को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम की प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार करने और सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया। अस्पताल में मरीजों के इलाज, स्टाफ के व्यवहार और सुविधाओं को लेकर भी नियमित फीडबैक लिया जाएगा।
हर डिलीवरी के बाद प्रसूताओं से लिया जाएगा फीडबैक
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने मेटरनिटी वार्ड का निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डिलीवरी के बाद प्रसूता से फीडबैक लिया जाए, ताकि पता चल सके कि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की राशि की मांग तो नहीं की गई। उन्होंने नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
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8 एंबुलेंस मेंटेनेंस पर मिलने से कलेक्टर नाराज
डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के साथ बैठक में कलेक्टर ने 108 एंबुलेंस सेवा की समीक्षा की। आठ एंबुलेंस मेंटेनेंस पर होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई करने और कंपनी के मुख्यालय को पत्र भेजने को कहा। साथ ही एंबुलेंस के औसत रिस्पांस टाइम की प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार करने और सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
एंबुलेंस में पैसे मांगने पर 108 पर दें सूचना
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि एंबुलेंस चालक मरीज या उसके परिजनों से पैसे की मांग करता है, तो वाहन का नंबर नोट कर चालक का फोटो लें और तत्काल 108 नंबर पर सूचना दें। उन्होंने एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता और उसकी स्थिति की जांच सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके लिए वीडियो कॉल के माध्यम से जांच करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एंबुलेंस सेवाओं में लापरवाही रोकने और मरीजों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मरीजों के इलाज और सुविधाओं की होगी नियमित समीक्षा
कलेक्टर ने मरीजों से इलाज, चिकित्सकों के व्यवहार और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में नियमित फीडबैक लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों और सुझावों के आधार पर कमियों को चिह्नित कर उनका निराकरण किया जाए। इसके लिए प्रतिदिन फीडबैक रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों और अस्पताल की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय की सिंगल सर्विस विंडो पर लगे पुराने और अव्यवस्थित बोर्डों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नवीन भवन के कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में पूर्व में हुई छत से चोरी की घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर देवांशु शिवहरे, डिप्टी कलेक्टर महिमा चौधरी सहित जिला चिकित्सालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।






















