Aakash Waghmare
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
इंदौर। शहर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित ‘मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के शहरी विकास और रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से 12,360 करोड़ रुपये की सौगातें दीं। इस दौरान सीएम ने रियल एस्टेट, होटल, पर्यटन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आईटी, एजुकेशन और एनर्जी सेक्टर से जुड़े प्रमुख निवेशकों से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रियल एस्टेट देश का सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला सेक्टर बन गया है और अब यह देश की जीडीपी में 8.5% का योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे गुजरात में ‘गिफ्ट सिटी’ बनाई गई है, वैसे ही मध्यप्रदेश में 10 स्मार्ट सिटी विकसित की जाएंगी। उन्होंने प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार करने की घोषणा भी की।
कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में करीब 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे अनुमानित रूप से 15 हजार से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक क्षेत्र में सर्वाधिक 12,473 करोड़ रुपये, होटल क्षेत्र में 3,344 करोड़, रियल एस्टेट में 1,812 करोड़, एजुकेशन में 72 करोड़, रिन्यूएबल एनर्जी में 500 करोड़ और आईटी सेक्टर में 100 करोड़ रुपये के प्रस्ताव आए।
मुख्यमंत्री ने शहरी विकास के लिए कुल 12,500 करोड़ रुपये की सौगात दी। इसमें जलप्रदाय, सीवरेज, स्वच्छता, अधोसंरचना और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत योजनाएं शामिल रहीं। इंदौर को अमृत 2.0 योजना के तहत 2,382 करोड़ और स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3,562 करोड़ की परियोजनाएं मिलीं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 65,044 लाभार्थियों को 2,799 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई। इनमें से 45,503 लाभार्थियों को गृह प्रवेश और 19,541 को स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास को गति देने के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट्स, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और स्मार्ट शहरों की योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो परियोजनाएं और जबलपुर, ग्वालियर में ट्रांसपोर्ट हब विकसित हो रहे हैं। 6 शहरों में 582 ई-बसें चलाई जाएंगी।
कॉन्क्लेव में BISAG-N, HUDCO, IIM इंदौर और राज्य शासन के बीच विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिससे शहरी विकास में तकनीक का बेहतर उपयोग और सिंहस्थ 2028 की योजना को प्रभावी क्रियान्वयन मिल सकेगा।
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हुडको, ओमेक्स, टाटा प्रोजेक्ट्स, आईटीसी, साई ग्रीन, एमकेसी इंफ्रा जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे चर्चा की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ झील संरक्षण, स्मार्ट कमांड सेंटर और हुकुमचंद मिल क्षेत्र का पुनर्विकास भी प्राथमिकता में है।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर लगातार सात वर्षों से स्वच्छता में नंबर वन रहा है, जिससे अब केंद्र सरकार नई नीति बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर को अब एक ट्यून सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है।
इससे पहले सीएम ने ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। मंत्री विजयवर्गीय ने इस मौके पर मंच से वन विभाग के अपेक्षित सहयोग न मिलने की बात कही और सीएम से निर्देश देने की अपील की।
कार्यक्रम में शहरी विकास की झलक दिखाती एक्सपो भी लगाई गई, जिसमें मेट्रो प्रोजेक्ट्स, आवास योजनाएं, सस्टेनेबल मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रदर्शनी हुई। इसमें एमपी हाउसिंग बोर्ड, HUDCO, MPSEDC, NHAI, CREDAI समेत कई संस्थाएं शामिल रहीं।