
भोपाल। केंद्र सरकार के आम बजट पेश करने के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार ने भी बजट सत्र की घोषणा कर दी है। राज्य विधानसभा ने बजट सत्र के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके अनुसार यह सत्र 10 मार्च से शुरू होकर 24 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 9 बैठकें होंगी, जबकि 6 दिन अवकाश रहेगा। विधानसभा सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण होगा, इसके बाद बजट सत्र की विधिवत शुरुआत होगी। संभावना है कि मध्यप्रदेश का बजट 11 से 13 मार्च के बीच पेश किया जाएगा।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के कारण टली बजट की तारीख
राज्य सरकार का बजट सत्र पहले फरवरी में प्रस्तावित था, लेकिन 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश करने जा रही है। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी और उसके बाद 11 से 13 मार्च तक विभिन्न विधेयकों और बजट पर चर्चा होगी।
सत्र का पूरा कार्यक्रम
10 मार्च- राज्यपाल का अभिभाषण, कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव
11 मार्च- प्रश्नोत्तर काल, दूसरा अनुपूरक बजट पेश होगा, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा
12 मार्च- वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया जाएगा
13 मार्च- प्रश्नोत्तर, बजट और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा
14-16 मार्च- अवकाश (होली, शनिवार, रविवार)
17 मार्च- प्रश्नोत्तर, अनुपूरक बजट पर मतदान और पारित करना
18 मार्च- मांगों पर मतदान
19 मार्च- अवकाश (रंगपंचमी)
20-21 मार्च- नए वित्त वर्ष के बजट पर चर्चा और पारित करना
22-23 मार्च- अवकाश
24 मार्च- प्रश्नोत्तर और शासकीय कार्य
लगभग 4 लाख करोड़ का हो सकता है बजट
मध्यप्रदेश के बजट की नींव केंद्र सरकार के बजट पर आधारित होगी। केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य को 50,000 करोड़ रुपए की राशि मिलने की संभावना है। राज्य सरकार केंद्रीय करों में अपने हिस्से और अन्य स्रोतों को मिलाकर बजट का आकार तय करेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार मध्यप्रदेश का बजट 4 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
बजट में इन मुद्दों पर होगा जोर
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों से बजट प्रस्तावों पर जानकारी मांगी है। बजट में गोवंश संवर्धन, जन स्वास्थ्य, औद्योगिक नीति, धार्मिक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन जैसे मुद्दों पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, राजस्व में वृद्धि के उपाय, रोजगार सृजन, सरकारी नियुक्तियों और सामाजिक कल्याण योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट भी सरकार के पास पहुंच चुकी है।
विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए बजट में होंगे प्रावधान
बजट में समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए योजनाएं शामिल की जाएंगी, जिसमें श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष योजनाएं, थर्ड जेंडर, निराश्रित और बेघर लोगों के लिए नए प्रावधान, अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास हेतु नई योजनाएं, विमुक्त, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु जनजातियों तथा ओबीसी वर्ग के कल्याण के लिए प्रावधान होंगे।
बजट सत्र से जनता को क्या उम्मीदें
मध्यप्रदेश सरकार के इस बजट से राज्य की जनता को रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली-पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीदें हैं। औद्योगिक निवेश को लेकर हाल ही में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के परिणाम भी बजट में दिख सकते हैं। साथ ही, कृषि क्षेत्र और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कई नई घोषणाएं हो सकती हैं।
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