
अशोक गौतम-भोपाल। सरकार अब पार्किंग नीति में बदलाव करने जा रही है। नीति संबंधी ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और इसे जल्द ही एसीएस नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। प्रस्तावित नीति के अनुसार नगरीय निकाय मार्केट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पार्किंग सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएंगे।
पार्किंग में जिस स्कैनर के माध्यम से फास्ट टैग के जरिए टोल नाकों की वसूली की जाती है, उसी विधि से पार्किंग वसूली भी की जाएगी। फास्ट टैग और स्केनर के जरिए वाहन मालिक के खाते से अपने आप पार्किंग शुल्क पार्किंग ठेकेदार अथवा निकाय के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। कैबिनेट और विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद ही नीति लागू होगी।
ज्यादा शुल्क लेने की शिकायतें खत्म होंगी
पार्किंग में जैसे ही कोई वाहन प्रवेश करेगा वैसे ही टाइमिंग दर्ज हो जाएगी और वाहन के निकलते ही समय के अनुसार शुल्क ट्रांसफर हो जाएगा। यह सिस्टम तैयार करने का काम निकाय और पार्किंग ठेकेदार को करनी होगी। सरकार ऐसी व्यवस्था और सुविधाएं वाहन मालिकों की जरूरतों को देखते हुए उपलब्ध कराने जा रही है। इसी क्रम में पार्किंग में वसूली के लिए मैनुअल की जरूरत नहीं होगी। मैनुअल में वाहन मालिकों को लंबा इंतजार करना होता है और कई बार खुल्ले पैसे को लेकर पार्किंग कर्मचारियों और वाहन चालकों में हुज्जत भी होती है। पैसे लेने के बाद कर्मचारी रसीद नहीं देते हैं। निर्धारित राशि से ज्यादा वसूली की भी शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को तमाम व्यवस्थाओं के माध्यम से दूर किया जा सकेगा। मासिक और वार्षिक पास की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पार्किंग वसूली की सही जानकारी आएगी
ठेकेदारों को पार्किंग वसूली की डेली जानकारी निकायों को देनी होगी। फास्ट टैग के माध्यम से पार्किंग की हर दिन वसूल होने वाली राशि का पता निकायों को चल जाएगा। निकायों के पास डेली के अपडेट आंकड़े तैयार रहेंगे कि किस पार्किंग स्थल पर प्रत्येक दिन कितने वाहन आते हैं, इसी के आधार पर निकाय प्रत्येक वर्ष पार्किंग स्थल की नीलामी के लिए आधार मूल्य तय करेंगे।
प्रकाश सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था
पार्किंग स्थलों पर प्रकाश, पानी, ईवी चार्जिंग, आग बुझाने के यंत्र की व्यवस्था करने का काम भी निकायों को कराना होगा। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम होंगे। चार पहिया और दो पहिया वाहन पार्क करने के लिए अलग-अलग स्थान रहेंगे। ऐसे व्यक्ति की ड्यूटी लगेगी, जिसके पास दो और चार पहिया वाहन चलाने का अनुभव और लाइसेंस होगा।
फास्ट टैग से पैसे कटने पर बहुत से संकट दूर होंगे
प्रदेश मेें फास्ट टैग व्यवस्था के आने से वाहन चालकों को न पार्किंग स्लिप देना पड़ेगी और न शुल्क के लिए खुल्ले पैसे का इंतजाम करना होगा। इसके साथ ही दिनभर की वसूली के पैसे का भी हिसाब किताब नहीं रखना पड़ेगा, क्योंकि सारा काम ऑन लाइन हो जाएगा। इस व्यवस्था से पार्किंगकर्मियों का काम आसान हो जाएगा। आपसी विवाद से भी छुटकारा मिलेगा। -अनिल सिंह, पार्किंगकर्मी, भोपाल
फिलहाल पार्किंग नीति तैयार की जा रही
पार्किंग नीति तैयार की जा रही है। आधुनिक सुविधा और जरूरतों के अनुसार नीति में बदलाव किया जा रहा है। इसमें लोगों की मांग और जरूरतों के आधार पर पार्किंग स्थल पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। -नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग
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