
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका को लेकर सेंटर फोर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 2050 तक अमेरिका सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं रहेगा। रिपोर्ट्स का कहना है कि भारत और चीन उससे आगे निकल जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार 2028 में ही चीन अमेरिका को पछाड़ कर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। सीईबीआर के डिप्टी चेयरमैन डगलस मैक विलियम्स का कहना है कि ग्लोबल जीडीपी में चीन की हिस्सेदारी बढ़कर 17.8 फीसदी हो गई है, जबकि साल 2000 में यह 3.6 फीसदी थी। रिपोर्ट में भारत को लेकर अनुमान जताया गया कि भारत ब्रिटेन से आगे निकल जाएगा और 2035 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि 2019 में फ्रांस और ब्रिटेन को भारत ने पीछे छोड़ दिया था और 2024 में यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रुपए की कीमत में कमी के कराण कुछ समय के लिए यह ब्रिटेन से पीछे हो सकता। इसके बाद इकोनॉमी में फिर से सुधार होगा और 2035 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरेगा।
रिपोर्ट में ये बातें हैं खास
- ए7 देशों की इकोनॉमी की रμतार जी7 या विकसित देशों से ज्यादा होगी।
- 2050 में ग्लोबल इकोनॉमी में चीन की 20 फीसदी और भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 15 फीसदी हो जाएगी।
- अमेरिका की हिस्सेदारी 16 से कम होकर 12 फीसदी और यूरोपियन यूनियन देशों की 15 फीसदी से कम होकर 9 फीसदी रह जाएगी।
- ए7 ग्रुप में भारत, चीन, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, पाकिस्तान, वियतनाम और नाइजीरिया हैं, जबकि जी7 ग्रुप में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और इटली हैं।
छोटे देश बढ़ेंगे आगे
- सीईबीआर की रिपोर्ट के अनुसार 2050 में दुनिया की 20 सबसे बड़ी इकोनॉमी का डेटा पेश किया गया है। डेटा कहता है कि वियतनाम जो 2016 में 32वें स्थान पर था। वह 2050 तक 20वें नंबर पर आ जाएगा। इसकी जीडीपी में सालाना 5.1 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
- रिपोर्ट के अनुसार फिलीपींस 28वें से 19वें नंबर पर आ जाएगा और उसकी जीडीपी में 4.3 फीसदी की ग्रोथ होगी। इसके अलावा, 4.2 सालाना जीडीपी में बढ़ोतरी के साथ 22वें से 14वें नंबर पर आ जाएगा।
एशियाई देश बनेंगे सुपरपॉवर
प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स इंटरनेशनल लिमिटेड या पीडब्ल्यूसी की वर्ल्ड इन 2050 रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि जर्मनी और फ्रांस जैसी अर्थव्यवस्था 2050 तक टॉप-5 की लिस्ट से बाहर हो जाएंगी, जबकि इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देश लिस्ट में होंगे। इस हिसाब से टॉप-5 इकोनॉमी में तीन एथियाई देश चीन, भारत और इंडोनेशिया होंगे।
5 साल में चीन अपर इनकम इकोनॉमी बन जाएगा
रिपोर्ट में सबसे बड़ी बात यह है कि चीन की इकोनॉमिकल ग्रोथ में तेजी देखी गई है और हमें लगता है कि चीन अपर-इनकम इकोनॉमी बन जाएगा। आने वाले पांच साल में ही यह अमेरिका से आगे निकल जाएगा। – डगलस मैक विलियम्स, डिप्टी चेयरमैन, सीईबीआर