
हेमंत नागले, इंदौर। इसे पुलिस की कार्यप्रणाली का जीता जागता नमूना मान सकते हैं। पिछले 5 दिनों से पुलिस आजाद नगर के सनसनीखेज हत्याकांड के जिस आरोपी को खोजने के लिए दिन रात एक किए हुए थी, वह सभी को चकमा देकर अदालत पहुंच गया और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने इस आरोपी पर बकायदा 10 हजार का इनाम भी घोषित किया था। आरोपी का नाम आरिफ खिलजी है और उस पर मोइन नाम के एक युवक की 3 लाख रूपए की सुपारी देकर हत्या कराने का आरोप है।
तीन दिन की मिली पुलिस रिमांड
घटना के 5 दिन बाद अचानक इस केस का मुख्य षड्यंत्रकारी नाटकीय ढंग से शुक्रवार को अदालत में जाकर पेश हो गया। आरोपी के पुनीता चौहान की अदालत मे समर्पण करने की जानकारी जैसी ही पुलिस के अफसरों को लगी, वे तत्काल जिला अदालत की तरफ भागे। हालांकि इस दौरान ये साफ हो गया कि पुलिस की तमाम चौकसी को धता बताते हुए आजाद नगर के सनसनीखेज हत्याकांड का मास्टरमाइंड खिलजी पूरी सेटिंग के साथ कोर्ट में पहुंचा था। अदालत ने पुलिस के आवेदन पर फिलहाल खिलजी को पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंपा है।
एनकाउंटर के बाद आया था मामला सुर्खियों में
आजाद नगर में रविवार की रात मोइन नाम के एक युवक की बाइक सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (SIT) का गठन किया था और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि ये मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा हुआ था और आरिफ खिलजी ने मोइन नाम के युवक की हत्या तीन लाख रूपए सुपारी देकर हत्या करवाई थी. इस केस में हत्या करने वाले दोनों आरोपियों वसीम उर्फ शाकिर और अमन शाह को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद अरेस्ट कर लिया था, जबकि मास्टरमाइंड आरिफ खिलजी फरार था। इस एनकाउंटर में वसीम के पैर में गोली भी लगी थी।
बेटी की शादी से नाराज खिलजी ने दी थी 3 लाख की सुपारी
मृतक मोइन का बड़ा भाई मुदस्सिर लगभग एक साल पहले आरिफ खिलजी की बेटी को भगा ले गया था और उससे शादी कर ली थी। इससे आरिफ खिलजी नाराज था। आरिफ ने इसलिए मोइन को ठिकाने लगाने के लिए दो शूटर वसीम और अमन को तीन लाख रुपए में उसकी हत्या करने की सुपारी दी थी। इस घटना के बाद मृतक के डरे हुए परिजनों ने अपने मकान को बेचने की तैयारी कर ली थी और अपने मकान के बाहर लिख दिया था कि उन्हें भी आरोपी मार डालेगा, इसलिए मकान बेचना है। इससे पहले मोइन के परिजनों ने पुलिस को आरिफ खिलजी से अपनी जान का खतरा बताते हुए आवेदन भी दिया था, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई थी। हालांकि इस मामले में एक पहलू ये भी है कि जिन दो शूटर को पुलिस ने अरेस्ट किया था, उन्हें तीन लाख रूपए में हत्या की सुपारी दी गई थी लेकिन उन्हें एडवांस में केवल 5 हजार रुपए ही मिले थे।