
जून 2024 में सलमान खान के पनवेल फार्महाउस की रेकी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब बॉम्बे हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई है। जस्टिस एन.आर. बोरकर ने कहा कि वासपी महमूद खान उर्फ वसीम चिकना और गौरव विनोद भाटिया उर्फ संदीप बिश्नोई के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जा रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि ये दोनों एक व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे, जहां सलमान खान पर हमले की साजिश पर चर्चा हुई थी। लेकिन उनके सीधे तौर पर इस हमले में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं।
14 अप्रैल 2024 को हुई थी फायरिंग
14 अप्रैल 2024 को सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग हुई थी। इसके बाद, 24 अप्रैल को नवी मुंबई पुलिस ने लॉरेंस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो पनवेल में सलमान की कार पर हमला करने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में गौरव भाटिया, वासपी खान उर्फ वसीम चिकना, धनंजय उर्फ अजय कश्यप और जीशान खान उर्फ जावेद खान शामिल थे। इसके बाद, 3 जून को पुलिस ने हरियाणा से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। इस मामले में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
डेढ़ महीने तक की थी रेकी
मुंबई पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी करीब डेढ़ महीने से सलमान खान के पनवेल फार्महाउस की निगरानी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने वहां किराए पर कमरा लिया था। उन्हें पता था कि हिट एंड रन केस के बाद सलमान धीरे गाड़ी चलाते हैं, इसलिए उन्होंने पनवेल के रास्ते में हमला करने की योजना बनाई थी।
1 जून 2024 को DCP विवेक पनसारे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को हत्या की साजिश की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे लॉरेंस गैंग के सोशल मीडिया ग्रुप में शामिल होकर सबूत इकट्ठा करने लगे। आरोपियों ने सलमान के फार्म हाउस, शूटिंग स्पॉट और गोरेगांव फिल्म सिटी की रेकी की थी, जिसका वीडियो उनके फोन से बरामद हुआ। इसके अलावा पुलिस ने कई मोबाइल और सिम कार्ड भी जब्त किए।
पाकिस्तान से हथियार मंगाने वाले थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी गैंगस्टर आनंदपाल की बेटी के संपर्क में थे और सोशल मीडिया पर जुड़े अपने फॉलोअर्स का भी इस्तेमाल कर सकते थे। इनमें अजय कश्यप को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रहा था और वह हथियारों की तस्करी में भी शामिल था। पाकिस्तान से जुड़े एंगल की जांच जारी है।
इसके अलावा, पुलिस को पता चला कि मुंबई, रायगढ़, नवी मुंबई, ठाणे, पुणे और गुजरात में लॉरेंस और संपत नेहरा गैंग के करीब 60-70 गुर्गे सलमान खान की निगरानी कर रहे थे। वे नाबालिगों के जरिए अटैक की साजिश रच रहे थे और हमला करने के बाद बोट से कन्याकुमारी होते हुए श्रीलंका भागने की योजना थी।