
काकामिगहारा (जापान)। भारत ने एशिया कप का खिताब पहली बार जीत लिया है। भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने रविवार को जूनियर महिला एशिया कप 2023 के फाइनल में साउथ कोरिया पर 2-1 हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया। भारत की इस ऐतिहासिक जीत में अन्नू (22वां मिनट) और नीलम (41वां मिनट) ने एक-एक गोल का योगदान दिया। कोरिया का एकमात्र गोल सियोओन पार्क (25वां मिनट) ने किया।
फाइनल पर कब्जा करने वाला भारत तीसरा देश
महिला जूनियर एशिया कप की बात करें तो यह टूर्नामेंट का 8वां सीजन है। वहीं भारत खिताब जीतने वाला तीसरा ही देश है। साउथ कोरिया ने सबसे अधिक 4 बार तो चीन ने 3 बार फाइनल पर कब्जा किया। 2021 में कोरोना के कारण मुकाबले नहीं खेले जा सके थे। इससे पहले 2015 में अंतिम बार टूर्नामेंट का आयोजन चीन में हुआ था, तब चीन ने फाइनल में जापान को मात दी थी।
इस प्रकार रहा खेल
साल 2012 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय लड़कियों ने पहले ही मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किया। लेकिन, उन्हें खाता खोलने के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ा। पहले क्वार्टर में कोरियाई टीम ने भी दो पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किए, लेकिन वह भी गेंद को नेट में पहुंचाने में असफल रही।
The winning moments ✨️
Here a glimpse of the winning moments after the victory in the Final of Women's Junior Asia Cup 2023.#HockeyIndia #IndiaKaGame #AsiaCup2023 pic.twitter.com/ZJSwVI80iH
— Hockey India (@TheHockeyIndia) June 11, 2023
साउथ कोरिया ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में दो पेनल्टी कॉर्नरों के साथ की। पहली बार नीलम ने शानदार तरीके से गेंद को रोका, जबकि दूसरे प्रयास में माधुरी ने कोरिया का खाता नहीं खुलने दिया। कोरिया को यह चूक भारी पड़ी और 21वें मिनट में मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल दागकर अन्नू ने भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। मैच के 25वें मिनट में पार्क ने गोल दागकर कोरिया के लिए स्कोर बराबर कर दिया। कोरिया हाफ टाइम से पहले बढ़त भी बना सकता था, लेकिन गोलकीपर माधुरी ने 30वें मिनट में गेंद को नेट तक नहीं पहुंचने दिया।
दो कोरियाई खिलाड़ी को किया मैदान से बाहर
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में कोरिया की युजीन ली और नुरिम चोई को ग्रीन कार्ड देखकर दो-दो मिनट के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। कोरियाई पक्ष में कम खिलाड़ी होने के कारण भारत को लक्ष्य हासिल करने में मदद मिली। नुरिम के मैदान से बाहर जाने के एक मिनट बाद ही नीलम ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को बढ़त दिला दी। मैच के 43वें मिनट में वैष्णवी विट्ठल फाल्के को येलो कार्ड दिखाकर फील्ड से बाहर भेजा गया।
कोरिया तीसरे क्वार्टर की समाप्ति से पहले दो पेनल्टी कॉर्नर अर्जित करने के बावजूद भारतीय खेमे में एक खिलाड़ी कम होने का फायदा नहीं उठा सकी। बढ़त मिलने के बाद भारतीय लड़कियों ने अंतिम क्वार्टर में गेंद को ज्यादा से ज्यादा अपने पास रखने पर ध्यान दिया।
मैच खत्म होने से पांच मिनट पहले अन्नू को भले ही ग्रीन कार्ड दिखाया गया, लेकिन कोरियाई टीम गोल के कोई मौके नहीं बना सकी। भारत ने 59वें मिनट में गोल का प्रयास किया जिसे कोरियाई गोलकीपर ने रोक लिया। अंतत: मैच के आखिरी मिनट में गोल करने के असफल प्रयास के साथ कोरिया 1-2 से फाइनल हार गया।