
फ्लोरिडा। नासा की जानी-मानी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर करीब 9 महीने 13 दिन बाद आखिरकार पृथ्वी पर लौट रहे हैं। उनके साथ क्रू-9 के दो अन्य एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना हुए हैं।
स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट चारों अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। सुबह 10:35 बजे स्पेसक्राफ्ट आईएसएस से सफलतापूर्वक अलग (अनडॉक) हो गया। यह अंतरिक्ष यान 19 मार्च को सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेगा। हालांकि, यह समय अनुमानित है और मौसम की स्थिति के कारण इसमें बदलाव हो सकता है।
9 महीने से अंतरिक्ष में फंसे थे सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को पिछले साल जून महीने में अंतरिक्ष से लौटना था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों और अन्य कारणों से उनकी वापसी टलती रही। नासा और स्पेसएक्स ने इस मिशन को सफल बनाने के लिए लगातार काम किया और अब उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है।
ऐसे होगा अंतरिक्ष से धरती तक का सफर
अंतरिक्ष यात्रियों की पृथ्वी वापसी कई चरणों में पूरी होगी। यह प्रक्रिया बेहद जटिल और वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि अंतरिक्ष से धरती तक आने की यह पूरी प्रक्रिया कैसे होगी,
1) प्रेशर सूट पहनने से शुरू हुआ सफर
सबसे पहले चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेसएक्स के स्पेशल प्रेशर सूट पहने। इसके बाद वे ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार हुए। स्पेसक्राफ्ट का हैच (दरवाजा) सुबह 08:35 बजे बंद किया गया। लीकेज या अन्य किसी तकनीकी खराबी की संभावना को खत्म करने के लिए हर तरह की सुरक्षा जांच की गई।
2) अनडॉकिंग प्रक्रिया पूरी, आईएसएस से अलग हुआ स्पेसक्राफ्ट
सुबह 10:35 बजे, स्पेसक्राफ्ट सफलतापूर्वक आईएसएस से अलग (अनडॉक) हो गया। यह प्रक्रिया ऑटोमैटिक थी और इसे कई चरणों में पूरा किया गया। स्पेसक्राफ्ट के सभी सिस्टम जैसे लाइफ सपोर्ट, कम्युनिकेशन और थ्रस्टर सिस्टम की कार्यक्षमता जांची गई। ISS से जुड़ने वाले सभी जोड़ (लॉक) खोले गए। स्पेसक्राफ्ट के थ्रस्टर इंजन को फायर कर ISS से अलग किया गया। अनडॉकिंग के बाद कुछ समय तक स्पेसक्राफ्ट की स्थिति और संचालन की निगरानी की गई।
3) डीऑर्बिट बर्न- धरती के करीब आएगा स्पेसक्राफ्ट
स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की ओर बढ़ते हुए बुधवार तड़के 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू करेगा। इस प्रक्रिया के दौरान स्पेसक्राफ्ट के इंजन फायर किए जाएंगे, जिससे इसकी कक्षा बदलेगी और यह धीरे-धीरे पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा।
4) 27,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश
जब स्पेसक्राफ्ट धरती के करीब आएगा, तो यह 27,000 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। इस दौरान, अत्यधिक घर्षण के कारण कैप्सूल के चारों ओर गर्मी उत्पन्न होगी, लेकिन स्पेसक्राफ्ट का हीट शील्ड यात्रियों को सुरक्षित रखेगा।
फ्लोरिडा के तट पर होगी लैंडिंग
अगर सब कुछ सही रहा तो स्पेसक्राफ्ट 19 मार्च की सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेगा। लैंडिंग से पहले स्पेसक्राफ्ट के पैराशूट सिस्टम को एक्टिवेट किया जाएगा, जिससे इसकी स्पीड धीमी होगी। समुद्र में सुरक्षित स्प्लैशडाउन (लैंडिंग) के बाद, नासा और स्पेसएक्स की टीमें स्पेसक्राफ्ट को रिकवर करेंगी।
क्या लैंडिंग के समय में हो सकता है बदलाव
नासा और स्पेसएक्स ने इस वापसी का शेड्यूल जारी किया है, लेकिन यह अनुमानित है। मौसम और अन्य तकनीकी कारणों से इसमें बदलाव हो सकता है। अगर लैंडिंग में किसी भी तरह की रुकावट आई, तो इसे बैकअप समय के अनुसार रीशेड्यूल किया जा सकता है।
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