Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! OCI कार्ड रद्द करने पर FRRO का नोटिस, एक्टर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दी चुनौती

अभिनेता इमरान खान को OCI कार्ड रद्द करने के संभावित फैसले पर FRRO ने कारण बताओ नोटिस भेजा है। भारत छोड़ने के निर्देश को एक्टर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी।
इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! OCI कार्ड रद्द करने पर FRRO का नोटिस, एक्टर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दी चुनौती
इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें!

अभिनेता इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आमिर खान के भांजे इमरान खान को मुंबई के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने कारण बताओ नोटिस भेजा है। सूत्रों के मुताबिक, नोटिस में उनसे पूछा गया है कि उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड रद्द क्यों न किया जाए। इस मामले में इमरान खान से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। उनका जवाब मिलने के बाद संबंधित प्राधिकरण OCI कार्ड को लेकर आगे का फैसला करेगा। दूसरी ओर, इमरान खान ने FRRO के उस नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने अदालत से नोटिस पर तत्काल रोक लगाने और उसे रद्द करने की मांग की है।

बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे इमरान खान, नोटिस पर रोक की मांग

इमरान खान की ओर से एडवोकेट जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नायक ने MZM Legal LLP के माध्यम से याचिका दायर की है। याचिका में FRRO के नोटिस पर तत्काल रोक लगाने के साथ-साथ उन रिकॉर्ड को अदालत में पेश करने की मांग की गई है, जिनके आधार पर अभिनेता को नोटिस और अंतिम चेतावनी जारी की गई। याचिका में संबंधित नोटिस को रद्द करने की भी मांग की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका तत्काल सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष पेश की जानी थी। मामले में अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।

'दो साल की उम्र से भारत में रह रहा हूं'

इमरान खान ने अपनी याचिका में कहा है कि वह दो साल की उम्र से भारत में रह रहे हैं। उनके मुताबिक, यदि अदालत से अंतरिम राहत नहीं मिलती, तो उन्हें अपना घर, परिवार और आजीविका छोड़कर भारत से जाना पड़ सकता है। याचिका में तर्क दिया गया है कि इस तरह होने वाले नुकसान की भरपाई आर्थिक मुआवजे या किसी अन्य तरीके से नहीं की जा सकती। अभिनेता ने अदालत से अनुरोध किया है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें राहत दी जाए।

याचिका में इमिग्रेशन कानून का हवाला

इमरान खान की याचिका में इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट, 2025 का हवाला देते हुए कहा गया है कि FRRO के नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्होंने किस कानूनी प्रावधान का उल्लंघन किया, उल्लंघन कैसे हुआ और कब हुआ। याचिका के अनुसार प्राधिकरण ने इमरान खान को मुख्य रूप से अमेरिकी नागरिक के तौर पर देखा और OCI कार्डधारक के रूप में भारत में उनके लंबे समय से रहने से जुड़े पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि अभिनेता को अपना पक्ष रखने, स्पष्टीकरण देने या सुनवाई का अवसर दिए बिना 14 दिनों के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया। इन दलीलों पर अदालत में विचार होना बाकी है।

प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर विवाद

यह मामला 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन में शामिल लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इमरान खान भी इस प्रदर्शन में मौजूद थे। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अमेरिकी नागरिक और OCI कार्डधारक इमरान खान ने राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेकर इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन किया है। इसके बाद उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया।

प्रदर्शन स्थल प्रतिबंधित क्षेत्र नहीं था

याचिका में इमरान खान की ओर से दलील दी गई है कि लोगों के एकत्र होने पर रोक पुलिस के आदेश से संबंधित थी, लेकिन प्रदर्शन स्थल को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित नहीं किया गया था। याचिका में यह भी कहा गया है कि OCI कार्डधारकों के लिए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। अभिनेता ने दावा किया है कि प्रदर्शन स्थल के वीडियो से स्पष्ट होगा कि उन्होंने बैरिकेड नहीं तोड़े और वहां से जा रहे थे। याचिका के मुताबिक, पुलिस द्वारा उन्हें और उनके परिवार को हिरासत में लेने से ठीक पहले मीडिया ने उन्हें घेर लिया था।

आमिर खान के भांजे इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस की कार्रवाई

FIR और हिरासत को लेकर भी उठाए सवाल

याचिका में कहा गया है कि इमरान खान को देश से बाहर भेजने की कार्रवाई एक ऐसी FIR के आधार पर की जा रही है, जिसे याचिका में अप्रमाणित और जमानतीय बताया गया है। याचिका के मुताबिक संबंधित मामले में चार्जशीट भी दाखिल नहीं हुई थी। अभिनेता की ओर से तर्क दिया गया है कि थोड़े समय की हिरासत के आधार पर उन्हें देश छोड़ने का निर्देश देना जरूरत से ज्यादा कठोर कार्रवाई है। हालांकि ये सभी दलीलें याचिका में पक्षकार की ओर से रखी गई हैं; इन पर अदालत का निर्णय आना बाकी है।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

Latest Posts