
Ramadan Mubarak। इस्लाम धर्म में रमजान का महीना बेहद पाक और इबादत के लिए होता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब पर कुरान नाजिल (उतारी) गई थी। यह महीना सिर्फ रोजे रखने के लिए नहीं, बल्कि इबादत और नेक काम करने का भी बेहतरीन अवसर होता है।
रमजान 2025 कब से शुरू होगा?
रमजान की शुरुआत चांद के दीदार पर निर्भर है। इस साल इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान का महीना 2 मार्च 2025 से शुरू होगा।
भारत में पहला रोजा कब रखा जाएगा?
रमजान का चांद सबसे पहले सऊदी अरब में नजर आता है और फिर भारत में दिखाई देता है। सऊदी अरब में 28 फरवरी 2025 को चांद दिख गया, जिसके बाद वहां 1 मार्च से रोजे शुरू हो गए हैं। भारत में पहला रोजा 2 मार्च 2025 को रखा जाएगा। पृथ्वी भौगोलिकता के कारण, सऊदी में भारत से एक दिन पहले से रमजान और ईद मनाया जाता है।
ईद 2025 कब मनाई जाएगी?
रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है। इस साल रमजान के बाद ईद-उल-फितर 30 या 31 मार्च 2025 को मनाई जा सकती है।
रमजान का महत्व
रोजा रखकर मुसलमान अल्लाह के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण दिखाते हैं। इस महीने में किए गए अच्छे कर्मों और इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए मुसलमान इस दौरान ज्यादा से ज्यादा इबादत करने और नेकी के काम करने का प्रयास करते हैं। रोजा रखने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि लोग रोजे की हालत में भूखे और प्यासों की तड़प को समझ सकें।
रमजान में इन बातों का रखें ध्यान
सिर्फ भूखे-प्यासे रहना ही रोजा नहीं – इस दौरान रोजेदार को बुरे विचारों, बुरी बातों और गलत कर्मों से भी बचना चाहिए।
बुरा बोलना और बुराई करना पाप – रमजान में किसी की बुराई करना, झूठ बोलना, झूठी कसम खाना और लालच करना मना है।
शारीरिक संबंध न बनाएं – रमजान के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करना चाहिए।
पांच वक्त की नमाज और कुरान पढ़ें – इस महीने में नमाज पढ़ने और कुरान शरीफ की तिलावत करने से बहुत पुण्य मिलता है।
सहरी और इफ्तार के समय का पालन करें – सही समय पर सहरी और इफ्तार करना जरूरी होता है, तभी रोजे का पूरा सवाब मिलता है।
रमजान का महीना आत्मसंयम, इबादत और नेक काम करने का अवसर है। जो भी इस दौरान पूरे नियमों का पालन करता है, उसे अल्लाह की खास रहमत मिलती है।
One Comment